फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   NHAI officers did not bring record of kiratpur ner chowk fourlane project

बिना रिकॉर्ड के तहसील कार्यालय पहुंचे एनएचएआई के अधिकारी

Thu, 06 Feb 2020 11:34 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 06 Feb 2020 11:34 AM IST
विज्ञापन
NHAI officers did not bring record of  kiratpur ner chowk fourlane project
सांकेतिक तस्वीर

कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के बदले गए रूट की जांच के लिए 4 फरवरी को डिप्टी मैनेजर एनएचएआई को छोड़ अन्य कोई भी अधिकारी तहसील कार्यालय नहीं पहुंचा। 4 फरवरी को तहसील कार्यालय में एनएचएआई की ओर से बदले गए फोरलेन के रूट प्लान को लेकर सुनवाई थी जिसमें संबंधित विभागों को रिकॉर्ड पेश करना था।

विज्ञापन


उक्त कार्रवाई उपायुक्त के आदेश के बाद हो रही है। हालांकि संबंधित विभागों के अधिकारियों की सुविधा अनुसार 4 फरवरी के दिन सुनवाई को तय किया गया था लेकिन इसके बाद केवल एनएचएआई के उपप्रबंधक सुनील सुधार ही मौके पर पहुंचे लेकिन उनके पास भी कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसके अलावा वन विभाग,
विज्ञापन


भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय और संबंधित तहसील से कोई अधिकारी सुनवाई के दौरान नहीं पहुंचा। बिना रिकॉर्ड के शाम साढ़े चार बजे पहुंचे एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर से रिकॉर्ड के संबंध में जब तहसीलदार ने पूछा तो उन्होंने बताया कि कंपनी भाग गई है। इस बीच एनएचएआई का कार्यालय पहले जम्मू था, फिर चंडीगढ़ में था। उसके बाद शिमला में आ गया और शिमला के बाद मंडी आने पर रिकॉर्ड मिल नहीं रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर तहसीलदार सदर ने एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर को कहा कि वह सहयोग करें, नहीं तो मुझे मजबूरीवश में आपको नोटिस निकालना पड़ेगा। जिस उक्त अधिकारी ने एक दो दिन और मोहलत मांगी है ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में ही रिकॉर्ड कंपनी लेकर भाग गई है? अगर ऐसा है तो इसकी शिकायत की रिपोर्ट कहां पर है?


फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपाध्यक्ष प्रधान अशोक कुमार, राकेश कुमार, चिंता देवी, महासचिव व पूर्व सैनिक मदनलाल ने सरकार से उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग की है तथा जब तक असल रिकॉर्ड से असल रूट की नियमानुसार पुष्टि नहीं हो जाती तब तक सड़क निर्माण के इस काम पर रोक लगनी जनहित में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed