नया वेतनमान: कर्मचारियों से रिकवरी नहीं करेगी हिमाचल सरकार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए वेतनमान के नियमों में इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। कहा है कि अगर अंतरिम राहत (आईआर) के संशोधित वेतनवृद्धि में समायोजित किए जाने से किसी कर्मचारी का वेतन अगले वेतन से कम हो जाता है तो इसकी अतिरिक्त धनराशि से क्षतिपूर्ति की जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नए वेतनमान के लागू होने के बाद राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों से रिकवरी नहीं होगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए वेतनमान के नियमों में इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है। कहा है कि अगर अंतरिम राहत (आईआर) के संशोधित वेतनवृद्धि में समायोजित किए जाने से किसी कर्मचारी का वेतन अगले वेतन से कम हो जाता है तो इसकी अतिरिक्त धनराशि से क्षतिपूर्ति की जाएगी। हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा संशोधित वेतनमान नियम 2022 के नियम सात के तहत उप नियम दो के नोट पांच में इस बारे में स्पष्टीकरण है। अधिसूचना के अनुसार नया वेतनमान वर्ष 2016 से दिया जा रहा है। वर्ष 2016 से ही कर्मचारियों को आईआर भी दी जा रही है। अब तक 21 फीसदी आईआर दे चुके हैं। अब नया वेतनमान लागू हो गया है तो आगे से अंतरिम राहत जारी नहीं होगी। अब तक दी गई यह राहत राशि बढ़े हुए वेतन में समायोजित होगी। अगर इससे किसी कर्मचारी का वेतन कम होगा तो क्या होगा, इसी बारे में स्पष्टीकरण में लिखा है कि अंतरिम राहत को समय-समय पर दिया जाता रहा है। इसे संशोधित वेतन में एडजस्ट किया जाएगा। भविष्य की वेतन वृद्धि और वेतनमान के एरियर में भी इसका इस्तेमाल होगा।
2.59 गुणांक का विकल्प लेने वालों को 2012 से रुकी वेतन वृद्धि भी दें: संघ
उधर, प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश सरकार की ओर से नए वेतनमान को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने का स्वागत किया है। संघ के अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर, चेयरमैन विनोद बन्याल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेंद्र नेगी, महासचिव संजीव ठाकुर, वित्त सचिव राकेश भड़वाल, मुख्य प्रेस सचिव प्रेम शर्मा, मुख्य संगठन सचिव पवन शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारी हित में दो विकल्प जारी कर उनको अपनाने की स्वतंत्रता दी है जो प्रशंसनीय है। सरकार ने सोमवार को करीब दो लाख नियमित कर्मचारियों के लिए नए संशोधित वेतनमान की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें कर्मचारियों को अपना संशोधित वेतनमान लेने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। अगर वे वर्ष 2009 के नियमों को चुनते हैं तो उन्हें 31 दिसंबर 2015 की बेसिक पे को 2.59 के फैक्टर से गुना करना होगा। अगर वर्ष 2012 को चुनते हैं तो 2.25 फैक्टर को अपनाना होगा। अधिसूचना के साथ ही कर्मचारियों की अलग अलग बेसिक पे के हिसाब से पे मैट्रिक्स भी जारी किए गए हैं।
इनसे मिलान करने के बाद कर्मचारी यह तय करेंगे कि उन्हें किस विकल्प को चुनना है। कर्मचारियों के लिए डीए और एनपीए को छोड़कर अन्य भत्तों की अधिसूचनाएं अभी जारी नहीं हुई हैं। वित्त महकमे ने हिमाचल प्रदेश सिविल सेवाएं (संशोधित) नियम 2022 की अधिसूचना में नियमित कर्मचारियों से कहा है कि वे अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक महीने के भीतर बताएं कि उन्हें कौन सा विकल्प चुनना है। एक अन्य अधिसूचना जारी कर यह भी स्पष्ट किया है कि नए वेतनमान में टाइम स्केल का लाभ नहीं मिलेगा। केसर सिंह ठाकुर ने सरकार से मांग की की है कि जो प्रवक्ता 2.59 का फैक्टर का विकल्प ले रहे हैं। उन्हें 4-9-14 के अंतर्गत रिवाइज्ड पे के कारण 2012 में रुकी वेतन वृद्धि प्रदान की जाए।