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नई ऊर्जा नीति: हिमाचल में दो लाख करोड़ का होगा निवेश, एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
Sat, 15 Jan 2022 11:04 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 15 Jan 2022 11:04 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश की नई ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में दस हजार मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन होगा। प्रदेश में दस हजार मेगावाट क्षमता की पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
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नई ऊर्जा नीति(सांकेतिक)
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई ऊर्जा नीति को मंजूरी दी। इस नीति के तहत वर्ष 2030 तक प्रदेश में दस हजार मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन होगा। प्रदेश में दस हजार मेगावाट क्षमता की पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में भी निवेश आकर्षित होगा। उपरोक्त क्षमता बढ़ोतरी के चलते राज्य में करीब 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। इससे प्रदेश में करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में मिलने वाली निशुल्क विद्युत के विक्रय से लगभग 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक राजस्व भी प्राप्त होगा।
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इस नीति के तहत हिमाचली मूल के लोगों को छोटे बिजली प्रोजेक्ट मिलेंगे। नई ऊर्जा नीति 15 वर्ष के लिए बनने जा रही है। इसमें पंप से पानी उठाकर बिजली तैयार करने वाले निवेशकों को रियायतें मिलेंगी। इनमें हिमाचली मूल के लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति में कई प्रावधान किए जा रहे हैं। वर्ष 2006 में राज्य ने ऊर्जा नीति बनाई थी। अब इसे 15 वर्ष बाद बदला जा रहा है। प्रदेश की नई ऊर्जा नीति में हाइडल प्रोजेक्ट का अधिक दोहन होगा।
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