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गैरजरूरी ऑपरेशन से मौत पर हिमाचल के 2 डॉक्टरों को जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:35 AM IST
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राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने हिमाचल प्रदेश के दो डॉक्टरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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गैरजरूरी ऑपरेशन करने के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने हिमाचल प्रदेश के दो डॉक्टरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने ये 10 लाख रुपये उस महिला के परिवार को देने का फैसला सुनाया है, जिसका गैरजरूरी ऑपरेशन कर उसका गर्भाश्य निकाल दिया गया था और उसकी मौत हो गई थी।
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एनसीडीआरसी की न्यायाधीश जेएम मलिक के नेतृत्व वाली पीठ ने 13 साल पुराने इस मामले में फैसला सुनाया। आयोग ने डॉक्टर आरके चौधरी और वीना चौधरी को पीडि़ता उषा कुमारी के परिवार वालों को 10 लाख रुपये देने का फरमान सुनाया है। उषा की मौत 2003 में हो गई थी।
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आयोग ने कहा कि महिला को पेट में दर्द की शिकायत थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसका ठीक से परीक्षण किए बिना सीधे गर्भाश्य निकालने के लिए उसका ऑपरेशन कर दिया। इस ऑपरेशन की वजह से पीडि़ता के पैंक्रियाज में दिक्कत हुई और यह उसके लिए घातक साबित हुआ। हालांकि, कांगड़ा के इन डॉक्टरों ने अपनी तरफ से किसी भी तरह की लापरवाही होने से इनकार किया है।
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