शारदीय नवरात्रः जानिए व्रत, पूजा का शुभ मुहूर्त?
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शारदीय नवरात्र 25 सितंबर से शुरू हो गए हैं। कालीबाड़ी मंदिर के पुजारी पंडित कमलराय के अनुसार बंगला पंचांग से तिथि और नक्षत्रों के आधार पर की गई गणना के मुताबिक इस बार मां भवानी डोले पर विराजमान होकर आएंगी और गज पर सवार होकर वापस जाएंगी।
यह बेहद शुभ संयोग है। शारदीय नवरात्र वीरवार 25 सितंबर से शुरू होंगे। 3 अक्तूबर को सुबह 6:34 मिनट तक नवमी रहेगी, इसके बाद दशमी शुरू हो जाएगी।
नौ दिन चलने वाले नवरात्रों में देवी के नौ रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धधात्री रूपों की पूजा होगी।
पढ़िए नवरात्र का शेड्यूल
शारदीय नवरात्र गुरुवार आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होंगे। इस दिन कलश स्थापना होगी। नवरात्रों के लिए शहर के देवी मंदिरों में जोर शोर से तैयारियां शुरू हो गई है। कालीबाड़ी, तारादेवी, कामना देवी, ढींगू माता मंदिर और पधाई माता मंदिर में नवरात्र पूजन के लिए खास बंदोबस्त किए हैं।
पहला नवरात्रप्रथमा तिथि 25 सितंबर
दूसरा नवरात्रद्वितीय तिथि 26 सितंबर
तीसरा नवरात्रतृतीया तिथि 27 सितंबर
चौथा नवरात्रचतुर्थी तिथि 28 सितंबर
पांचवा नवरात्रपंचमी तिथि 29 सितंबर
छठा नवरात्र षष्ठी तिथि 30 सितंबर
सातवां नवरात्रसप्तमी तिथि 01 अक्तूबर
आठवां नवरात्रअष्टमी तिथि 02 अक्तूबर
नवां नवरात्रनवमी तिथि03 अक्तूबर
घट स्थापना सुबह 6:26 से 7:54 बजे तक
पंचमुखी हनुमान मंदिर केलटी के पुजारी पंडित संजय शास्त्री के अनुसार सूर्योदय से प्रतिपदा तिथि और हस्त नक्षत्र में घट स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट का है।
नवरात्र में प्रत्येक दिन अखंड दीप जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से घर, परिवार में सुख, शांति, संपदा और व्यापार में वृद्धि होगी। शहर में नवरात्र को लेकर लोगों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नवमी और दशहरा एक ही दिन
आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्र की नवमी और दशहरा दोनों एक ही दिन पड़ रहे हैं। 3 अक्तूबर को सुबह 6:34 मिनट तक नवमी रहेगी। इसके बाद दशमी शुरू हो जाएगी। इसी दिन शाम 6:22 मिनट पर श्रवण नक्षत्र में रावण का वध होगा। आचार्य ने बताया कि आश्विन शुक्ल पक्ष 14 दिनों का है। इस कारण दशमी तिथि की हानि हुई है।