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डेढ़ गुना अधिक मूल्य पर बिकेंगे सूबे के प्राकृतिक उत्पाद : राज्यपाल

Wed, 03 Oct 2018 09:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,धर्मशाला Updated Wed, 03 Oct 2018 09:04 PM IST
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Natural products of the himachal will be sold for One and a half times more

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि देश के प्रमुख कृषि निवेशक राज्य के समूचे प्राकृतिक उत्पादों को डेढ़ गुना अधिक मूल्य पर खरीदने को तैयार हैं। हिमाचल प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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ऐसे में शीघ्र ही हिमाचल प्राकृतिक खेती राज्य के रूप में उभरेगा। राज्यपाल कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय कृषक प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि शून्य लागत प्राकृतिक परियोजना के अंतर्गत व्यवस्था की गई है कि जो किसान प्राकृतिक खेती को प्रदर्शित करेगा उसे मास्टर प्रशिक्षक बनाया जाएगा। इससे दूसरे किसान भी प्रोत्साहित होंगे।
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किसानों को राज्य सरकार के माध्यम से रियायती मूल्य पर भारतीय नस्ल की गाय प्रदान की जाएंगी। इसके लिए निजी उद्यमियों ने लागत को 50 प्रतिशत वहन करने की इच्छा जताई है।

हिमाचल की कृषि भूमि अन्य प्रदेशों से अधिक उपजाऊ

Natural products of the himachal will be sold for One and a half times more

राज्यपाल ने पदमश्री सुभाष पालेकर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वह वर्तमान समय के संत है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसान समुदाय के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की कृषि भूमि अन्य प्रदेशों से अधिक उपजाऊ है।

प्राकृतिक खेती के तहत ‘जीवामृत’ और ‘गांजीवामृत’ का उपयोग कर जमीन सोना उगलेगी। आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसानों को रासायनिक खेती में रुचि नहीं है, क्योंकि यह जहरीली है और वे जैविक खेती को भी नहीं अपना रहे हैं।

क्योंकि यह महंगी होने के साथ-साथ भरोसेमंद भी नहीं है। अब प्राकृतिक खेती एकमात्र विकल्प है, क्योंकि इसमें किसानों को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ता और इसके अनेक लाभ हैं।

इस अवसर पर पदमश्री सुभाष पालेकर, शून्य लागत प्राकृतिक खेती के परियोजना निदेशक राकेश कंवर, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक सरयाल, कृषि निदेशक डॉ. देश राज शर्मा, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा संतोष पटियाल समेत अन्य गण्यमान्य व्यक्ति व छह जिलों के किसान उपस्थित थे।

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