एनएच से जुड़ेगा दुर्गम क्षेत्र पांगी, चंबा से 40 किमी घट जाएगी दूरी
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हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में शुमार चंबा जिले का पांगी क्षेत्र अब नेशनल हाईवे से जुड़ेगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को मिले 69 एनएच में द्रम्मण-किलाड़ हाईवे सबसे लंबा होगा। कुल 271 किलोमीटर लंबा यह एनएच पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के लिए भी वैकल्पिक मार्ग होगा। खूबसूरत घाटियों से होकर गुजरने वाला यह हाईवे पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेगा।
प्रदेश सरकार ने कंसलटेंट नियुक्त कर इसकी डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। कांगड़ा के द्रम्मण में एनएच 154 से शुरू होकर यह मार्ग सिहुंता होते हुए चुवाड़ी, जोत, चंबा, कोटी, तीसा और फिर किलाड़ तक पहुंचेगा। किलाड़ से आगे की सीमा जम्मू-कश्मीर से लगती है।
चंबा से आगे यह एनएच बेहद दुर्गम पहाड़ियां के बीच से होकर बनेगा। इस हाईवे के कई हिस्से बर्फ से ढके रहते हैं। चंबा से किलाड़ की दूरी 158 किलोमीटर है लेकिन हाईवे के बनने से करीब 40 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। तीसा और किलाड़ तक का मार्ग बेहद खस्ताहाल और संकरा है। नीचे रावी नदी बहती है। यहां हादसा होने पर एक साथ दर्जनों लोगों की जान चली जाती है।
जमीन का दोगुना मुआवजा दे रही सरकार
हिमाचल सरकार ने 69 एनएच की डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। करीब 8 माह औपचारिकताएं पूरी करने में लगेंगे। डीपीआर के बाद जमीन अधिग्रहण होगा। केंद्र सरकार जमीन अधिग्रहण को चार गुना जबकि हिमाचल सरकार दो गुना मुआवजा ही दे रही है। यह मामला केंद्र सरकार के विचाराधीन है।
हिमाचल में कुल 69 एनएच बनने हैं। द्रम्मण-किलाड़ हाईवे इनमें से सबसे लंबा है। डीपीआर को बनाने के लिए कंसलटेंट नियुक्त कर दिया है। प्रदेश सरकार इन हाईवे के निर्माण में तेजी बरत रही है। - भुवन शर्मा, चीफ इंजीनियर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी