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निजी प्रॉपर्टी पर कटे 477 पेड़, NGT ने लगाया 116 लाख जुर्माना

Thu, 03 Aug 2017 04:35 PM IST
विवेक मिश्रा/अमर उजाला, नई दिल्ली
विवेक मिश्रा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 03 Aug 2017 04:35 PM IST
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National Green Tribunal slaps Rs 116 lakh penalty

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक निजी प्रॉपर्टी पर 477 पेड़ अवैध तरीके से काटने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्रापर्टी के मालिक और खरीदार पर 116 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। शोघी तहसील स्थित तारा देवी मंदिर से जुड़ी हुई 38.5 बीघे क्षेत्र में यह पेड़ लगे हुए थे। 

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एनजीटी ने कहा कि पर्यावरण और पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए इस प्रापर्टी पर किसी भी प्रकार का स्थायी-अस्थायी, व्यावसायिक और गैर व्यावसायिक निर्माण नहीं किया जा सकेगा। 
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बिना अनुमति 477 से अधिक देवदार और ओक जैसे कीमती पेड़ों के कटने का मामला 21 नवंबर 2014 को सामने आया था। इसके बाद एनजीटी ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। 

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4,777 पेड़ लगाने का आदेश

National Green Tribunal slaps Rs 116 lakh penalty

पीठ ने सुनवाई के दौरान प्रापर्टी की मालिक परमिंदर कौर व प्रापर्टी के खरीददार आमरिक सिंह नागपाल को काटे गए इन पेड़ों के लिए जिम्मेदार ठहराया।

आमरिक सिंह नागपाल यहां होटल बनाना चाहता था। वहीं एनजीटी ने 60 फीसदी पर्यावरण क्षति प्रापर्टी मालिक और 40 फीसदी खरीददार को भरने के लिए कहा है। 

पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि काटे गए 477 पेड़ के बदले वन विभाग संबंधित प्रापर्टी पर 4,777 पेड़ लगवाए। पीठ ने सूबे के प्रधान वन संरक्षक से इस आदेश के पालन को लेकर पहली रिपोर्ट 16 सितंबर को मांगी है।

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