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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की एमसी को फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 15 Aug 2014 02:31 PM IST
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राजधानी और सोलन में ठोस कचरे को ठिकाने लगाने में नाकाम रही नगर निगम शिमला और नगर परिषद सोलन की कार्यशैली पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ी टिप्पणी की है। टिब्यूनल को बताया गया कि कचरे को खुले में एकत्रित किया गया है और इसे नियमित रूप से शिमला स्थित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट में नहीं ले जाया जा रहा है।
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प्लांट भी नियमित रूप से काम नहीं कर रहा है जिस कारण ठोस कचरा भारी मात्रा में एकत्र हो चूका है। ठोस कचरे का निपटारा वैज्ञानिक और सही तरीके से निपटारा न होने के कारण अव्यवस्था का आलम है।
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मामले की सुनवाई करते हुए ग्रीन ट्रिब्यूनल ने टूटू-तारादेवी बाईपास पर भरयाल गांव के समीप स्थित कूड़ा संयंत्र को प्रतिदिन 24 घंटे चलाने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि जब तक जमा हुआ ठोस कचरा कम नहीं हो जाता। तब तक संयंत्र को बंद नहीं किया जाएगा।
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इसके अलावा संयंत्र से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करने के लिए नगर निगम के ट्रकों को प्रोजेक्ट तक पहुंचने के लिए तीन दिन के भीतर सड़क सही करने के आदेश संयंत्र संचालकों को दिया गया है।
ट्रिब्यूनल ने संयंत्र संचालकों द्वारा कि गई कार्यवाही कि वस्तुस्थिति जानने के लिए कमीशन गठित कर रिपोर्ट तलब की है। टिब्यूनल ले नगर परिषद सोलन द्वारा सलोगडा में जमा किए गए कचरे को शिमला शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने नगर परिषद सोलन को आदेश दिए हैं कि यदि सलोगडा में कचरा जमा करना है तो इसे ठोस कचरा नियंत्रण नियमों के अनुसार जमा किया जाए।