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रोहतांग: रसूखदारों के रोप वे को नहीं उजाड़ पाए अफसर

Fri, 10 Jul 2015 08:37 AM IST
Updated Fri, 10 Jul 2015 08:37 AM IST
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National Green Tribunal banned entry of diesel vehicles  in rohtang

एनजीटी के आदेशों पर अमल करते हुए जिला प्रशासन ने आनन फानन एक दिन में रोहतांग और सोलंगनाला में बर्फ के बीच व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों को हटा दिया है। लेकिन यह कार्रवाई सिर्फ गरीबों पर ही हुई, रसूखदारों पर हाथ डालने की अफसरों में हिम्मत नहीं हुई। सोलंगनाला में चल रहे एक रोपवे और कैफे पर प्रशासन मेहरबान दिखा।

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जबकि यह भी व्यावसियक गतिविधि के तहत आता है।  बताया जा रहा है कि इसमें प्रदेश का एक बड़ा नेता पार्टनर है। इससे विपरीत बुधवार को सड़क किनारे बैठकर मक्की बेचने वालों तक को नहीं बख्शा गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होंगी।
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कोई अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं

National Green Tribunal banned entry of diesel vehicles  in rohtang

दबी जुबान में अधिकारी भी मान रहे हैं कि ट्रिब्यूनल के आदेश में सभी प्रकार के व्यावसायिक कारोबार को बंद करने को कहा गया है, लेकिन कोई अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं। स्थानीय दुकानदारों में सवाल उठ रहा है कि रसूखदारों पर पर मेहरबानी क्यों? सोलंगनाला से टॉप (ढलान) तक जाने के लिए करीब एक किलोमीटर का रोपवे बनाया गया है।

इसमें प्रति व्यक्ति 500 से 700 रुपये किराया वसूला जाता है। एक टॉली में करीब पांच से छह लोग भेजे जाते हैं। जबकि टॉप पर बने कैफे में कॉफी का एक कप (डिस्पोजल में) 90 रुपये का दिया जाता है। इसके अलावा अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम भी मनमाने वसूले जाते हैं।

डीसी बोले, अपनी जमीन पर कर सकते हैं कारोबार

National Green Tribunal banned entry of diesel vehicles  in rohtang

इस बारे में अमर उजाला ने जब उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर से पूछा तो उनका तर्क था कि रोपवे के लिए सरकार ने जमीन लीज पर दी है। इसलिए उसे नहीं हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी जमीन पर कारोबार किया जा सकता है। मजे की बात यह कि ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में यह कहीं नहीं कहा कि जमीन अगर लीज पर है या प्राइवेट है तो ऐसी जगह व्यावसायिक गतिविधि चल सकती है। बहरहाल इसे ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश का उल्लंघन माना जा रहा है।

उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने कहा कि रोपवे के लिए सरकार ने जमीन लीज पर दी है। उसे नहीं हटाया जा सकता है। अपनी जमीन पर कारोबार किया जा सकता है। मनाली टैक्सी यूनियन के वकील ने बताया कि ट्रिब्यूनल ने सभी व्यावसायिक गतिविधियां को रोकने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल रोपवे, कैफे आदि को चलाने के बारे में अलग से निर्देश नहीं देता है।

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