बेटियों के प्रति अपनी सोच बदलने की आवश्यकता: जस्टिस चौधरी
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर शुक्रवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने सराज की थुनाग पंचायत में जागरूकता शिविर लगाया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
उन्होंने बेटियों को परिवार का सम्मान बताते हुए सभी लोगों से बेटा-बेटी में भेद की मानसिकता को छोड़कर बेटियों को जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थुनाग में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमें बेटियों के प्रति अपनी सोच बदलने की आवश्यकता है। वर्तमान में बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
बालिका दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बेटियों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है। पंचायत धार जरौल की प्रधान कला देवी ने भी अपने विचार रखे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थुनाग के प्रधानाचार्य केसर सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
जरूरतमंदों की सहायता करता है प्राधिकरण
पंचायत थुनाग की प्रधान नीलम ठाकुर ने सबका धन्यवाद किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव असलम बेग, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अशोक कुमार, तहसीलदार थुनाग मुंशी राम, बीडीओ सिराज जगदीप कंवर, डीन हार्टिकल्चर कॉलेज डॉ. वाईसी गुप्ता सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
धर्म चंद चौधरी ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य कर रहा है। प्राधिकरण द्वारा 3 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
पांच बेटियों को दी 12-12 हजार की एफडी
इस अवसर पर नवजात बेटियों को बधाई पत्र व उपहार व बेटी है अनमोल योजना के तहत 5 बेटियों को 12-12 हजार रुपये की एफडी भी भेंट की। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हंसराज, अतिरिक्त सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण गौरव महाजन, डॉ. अक्षय मिन्हास, अधिवक्ता हेम सिंह ठाकुर ने अपने विचार रखे।