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प्रदेश के भी स्कूलों में खिलाई जाएगी पेट के कीड़े मारने की दवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:30 PM IST
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प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को पहली नवंबर को पेट में कीड़े मारने की दवा खिलाई जाएगी। एनआरएचएम की ओर से स्कूलों में पहली नवंबर को नेशनल डी वार्मिंग डे मनाया जाएगा। पहली तारीख को दवा खाने से छूट जाने वाले विद्यार्थियों को 15 नवंबर को कवर किया जाएगा।
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मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मनमोहन शर्मा ने बताया कि बच्चों के पेट में कीड़ों से निजात पाने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाई खिलाई जाएगी। पेट में कीड़े स्कूल विद्यार्थियों के लिए गंभीर बीमारी है। विश्वभर में 150 करोड़ बच्चे इसकी चपेट में हैं।
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बच्चों के पेट में ये कीड़े मिट्टी में पडे़ कीड़ों के अंडों से पैदा होते हैं। जिन बच्चों के पेट में कीडे़ होते हैं, वह खुले में शौच करते हैं तो शौच में कई लाखों कीड़ों के अंडे निकलते हैं जो मिट्टी में मिल जाते हैं। बिना धोई सब्जी या फल खाने से अथवा दूषित पानी पीने से या मिट्टी में खेलते वक्त गंदे हाथ मुंह में डालने से, शौच जाने के बाद हाथ न धोने से और बिना धुले हाथों से खाना खाने से यह अंडे शरीर में पहुंच जाते हैं।
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कुछ कीड़ों के लारवा मिट्टी में पनपते हैं और नंगे पैर चलने से शरीर की त्वचा से खून में मिल जाते हैं। मनमोहन शर्मा ने कहा कि पेट में कीड़े होने से शरीर में ताकत व खून की कमी होनी शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों का इलाज संभव है। एक वर्ष की आयु से 19 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को साल में दो बार कीडे़ की दवाई जरूर खानी चाहिए।