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नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर: इस साल तीन बार होगी आर्किटेक्चर में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा
Fri, 25 Mar 2022 12:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 25 Mar 2022 12:13 PM IST
सार
राज्य सरकार से वित्त पोषित आर्किटेक्चर संस्थानों में अब दाखिले जेईई की प्रवेश परीक्षा के आधार पर नहीं होंगे। इस शैक्षणिक सत्र से संस्थानों में केवल राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) की मेरिट के आधार पर ही दाखिले मिलेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत सरकार के काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर ने बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में दाखिला प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। आर्किटेक्चर की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए काउंसिल अब साल में तीन बार प्रवेश परीक्षा लेगी। यह परीक्षा इसी साल 12 जून, 3 जुलाई और 24 जुलाई को होगी। इससे पूर्व परीक्षा साल में दो बार ही होती थी।
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वर्तमान में देशभर में 465 के करीब स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर चल रहे हैं। साल में तीन प्रवेश परीक्षाओं के अलावा काउंसिल ने राज्य सरकार से वित्त पोषित आर्किटेक्चर संस्थानों में दाखिलों की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। राज्य सरकार से वित्त पोषित आर्किटेक्चर संस्थानों में अब दाखिले जेईई की प्रवेश परीक्षा के आधार पर नहीं होंगे। इस शैक्षणिक सत्र से संस्थानों में केवल राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) की मेरिट के आधार पर ही दाखिले मिलेंगे। पूर्व में 50 फीसदी सीटें नाटा और शेष 50 फीसदी सीटें संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की मेरिट के आधार पर मिलते थे।
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हालांकि एनआईटी, आईआईटी और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर सहित केंद्र सरकार से वित्त पोषित संस्थानों में दाखिले पूर्व की भांति नाटा और जेईई-दो परीक्षा की मेरिट के आधार पर ही मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के अधीन नगरोटा बगवां में स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में 40 सीटें सृजित हैं। वर्तमान में यहां पर करीब 175 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
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स्मार्ट सिटी और शहरीकरण के कारण बढ़ रही डिमांड
युवाओं में आर्किटेक्चर में प्रवेश लेने के लिए काफी क्रेज है। देशभर में स्मार्ट सिटी, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों समेत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एरिया में घरेलू और व्यवसायिक भवनों के नक्शों की काफी जरूरत रहती है।
नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर की मेरिट के आधार पर ही राज्य सरकार के वित्त पोषित संस्थानों में दाखिला मिलेगा। पूर्व में जेईई दो की परीक्षा के आधार पर भी दाखिला मिल जाता था। इस बार प्रवेश परीक्षा साल में तीन बार होगी। - डॉ. सतीश कटवाल, एचओडी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर नगरोटा बगवां