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Hamirpur (Himachal) News: सीबीएसई स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगे बूस्टर कैंप
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खास खबर
कक्षा के साथ मिलेगी अतिरिक्त कोचिंग, कठिन विषयों पर रहेगा फोकस
जिले के 19 स्कूलों में संचालित है सीबीएसई पाठ्यक्रम
बवीता चंदेल
हमीरपुर। गणित के कठिन सवाल हों या विज्ञान के उलझे अध्याय, अब विद्यार्थियों को इन्हें समझने के लिए केवल नियमित कक्षाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और बूस्टर कैंप लगाए जाएंगे। विषयवार कमजोरियों की पहचान कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता दी जाएगी।
जिले में वर्तमान में 19 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालित है। विद्यार्थियों के साप्ताहिक टेस्ट के आधार पर उनके शैक्षणिक प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किस विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में अतिरिक्त मदद की जरूरत है। इसके बाद गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में बूस्टर कैंप आयोजित किए जाएंगे।
कैंप में कठिन अध्यायों की दोबारा पढ़ाई, परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों का अभ्यास और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार सहायता दी जाएगी। नियमित कक्षाओं के साथ अतिरिक्त कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सामान्य पढ़ाई प्रभावित न हो। शिक्षकों द्वारा उदाहरण और अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों की समझ मजबूत की जाएगी तथा उनकी गलतियों में सुधार करवाया जाएगा।
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कोट
कमजोर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कठिन विषयों में सुधार को अतिरिक्त कक्षाएं और बूस्टर कैंप लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की बुनियादी समझ मजबूत होगी और परीक्षा परिणाम में भी सुधार आएगा। - देशराज डोगरा, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, हमीरपुर
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कक्षा के साथ मिलेगी अतिरिक्त कोचिंग, कठिन विषयों पर रहेगा फोकस
जिले के 19 स्कूलों में संचालित है सीबीएसई पाठ्यक्रम
बवीता चंदेल
हमीरपुर। गणित के कठिन सवाल हों या विज्ञान के उलझे अध्याय, अब विद्यार्थियों को इन्हें समझने के लिए केवल नियमित कक्षाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और बूस्टर कैंप लगाए जाएंगे। विषयवार कमजोरियों की पहचान कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता दी जाएगी।
जिले में वर्तमान में 19 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालित है। विद्यार्थियों के साप्ताहिक टेस्ट के आधार पर उनके शैक्षणिक प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किस विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में अतिरिक्त मदद की जरूरत है। इसके बाद गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में बूस्टर कैंप आयोजित किए जाएंगे।
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कैंप में कठिन अध्यायों की दोबारा पढ़ाई, परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों का अभ्यास और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार सहायता दी जाएगी। नियमित कक्षाओं के साथ अतिरिक्त कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सामान्य पढ़ाई प्रभावित न हो। शिक्षकों द्वारा उदाहरण और अभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों की समझ मजबूत की जाएगी तथा उनकी गलतियों में सुधार करवाया जाएगा।
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कोट
कमजोर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कठिन विषयों में सुधार को अतिरिक्त कक्षाएं और बूस्टर कैंप लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की बुनियादी समझ मजबूत होगी और परीक्षा परिणाम में भी सुधार आएगा। - देशराज डोगरा, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, हमीरपुर