फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   nabard did not clear iph dpr's due to shortage of funds

फंडिंग के अभाव में अटकीं 70 पेयजल योजनाएं

Sun, 20 Mar 2016 08:22 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 20 Mar 2016 08:22 AM IST
विज्ञापन
nabard did not clear iph dpr's due to shortage of funds
आईपीएच विभाग की ओर से प्रदेश में प्रस्तावित 70 पेयजल योजनाएं फंडिंग के अभाव में अटकी पड़ी हैं।

आईपीएच विभाग की ओर से प्रदेश में प्रस्तावित 70 पेयजल योजनाएं फंडिंग के अभाव में अटकी पड़ी हैं। साल भर बाद भी नाबार्ड न तो इन योजनाओं की डीपीआर को फंडिंग की स्वीकृति दे सका है और न ही फंडिंग से इंकार किया है। नतीजतन फंड न होने के चलते योनजाएं अधर में हैं।

विज्ञापन


प्रदेश की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग विधायक प्राथमिकता के अंतर्गत समय समय पर जरूरत के आधार पर पेयजल योजनाओं की डीपीआर नाबार्ड को फंडिंग की स्वीकृति के लिए भेजता है। इन योजनाओं में 70
विज्ञापन


योजनाएं ऐसी हैं जिन्हें विधायक प्राथमिकता योजना के अंतर्गत नाबार्ड को फंडिंग की स्वीकृति देने के लिए भेजा गया लेकिन स्वीकृति न मिलने से  पेयजल योजनाएं सिर नहीं चढ़ पाईं। आंकड़ों के मुताबिक इन योजनाओं में सबसे ज्यादा कांगड़ा जिले की 18 डीपीआर लंबित हैं। इसके अलावा कुल्लू की 11 और हमीरपुर की 10 डीपीआर शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाबार्ड के पास लंबित 70 योजनाओं में से 11 योजनाएं ऐसी हैं जिनकी डीपीआर आईपीएच विभाग ने पिछले साल जनवरी और फरवरी महीने में भेजी। लेकिन अब तक नाबार्ड उनकी फंडिंग की स्वीकृति नहीं दे सका है। इसके अलावा साल 2015 में भेजी गई कुल 44 योजनाएं लंबित पड़ी हैं।

साल 2015 की योजनाओं की डीपीआर स्वीकृत न होने के बावजूद साल 2016 में आईपीएच विभाग ने 26 योजनाओं की डीपीआर और बनाकर भेज दी है। इनमें से ज्यादातर योजनाएं कांगड़ा, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिले की हैं।


प्रदेश में जलसंकट के बीच आईपीएच विभाग योजनाओं की फंडिंग की स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स कहती हैं कि योजनाओं की फंडिंग के लिए डीपीआर बनाकर नाबार्ड को भेजी गई हैं। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा। साथ ही कोशिश रहेगी कि तेजी से काम कर लोगों को पेयजल की समस्या से दूर रखा जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed