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शिमला के दो और गांवों के बच्चों में फैली रहस्यमयी बीमारी, दहशत में लोग

Thu, 18 May 2017 04:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नेरवा
ब्यूरो/अमर उजाला, नेरवा Updated Thu, 18 May 2017 04:12 PM IST
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Mysterious Fever in Children, Two More Cases in Shimla.

शिमला के कुपवी के शिवधार में फैली रहस्यमयी बीमारी की चपेट में दो और गांव भी हैं। शिवधार के साथ ही लगते मालत और हणोग गांव में भी बच्चे इस बीमारी से पीड़ित हैं। दोनों गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 45 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की।

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इस दौरान चार बच्चों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। इन्हें इलाज के लिए पीएचसी कुपवी भेजा गया है। इससे पहले दो बच्चों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमार बच्चों के खून, पेशाब के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।
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बीमारी के संक्रमण का कारण दूषित पेयजल बताया जा रहा है। रोहड़ू बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर शिवधार में बच्चों की जांच कर रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी से डॉ. श्रुति भी प्रभावित गांव में टीम के साथ सहयोग कर रही हैं।

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प्रारंभिक जांच में लग रहे बीमारी के ये कारण

Mysterious Fever in Children, Two More Cases in Shimla.

डॉ. श्रुति ने बताया कि शिवधार के अलावा मालत और हणोग गांव के 45 बच्चों की जांच की गई है। चार बच्चों में बीमारी के लक्षण पाए जाने पर उन्हें जांच के लिए पीएचसी कुपवी भेजा गया है। इससे पूर्व दो बच्चों को आईजीएमसी शिमला रेफेर किया जा चुका है।  

डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि प्राथमिक जांच में बीमारी का कारण दूषित पानी लग रहा है। स्रोत को देखने के बाद पता चला कि लोग मटमैला और गंदा पानी पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बच्चे की बीमारी से मौत के बाद अनुवांशिक हिस्ट्री की स्टडी की है

 इसमें  सामने आया कि इस परिवार में पहले भी बच्चों की मौत हो चुकी है। परिवार इम्योनि डेफिसिएंशी से ग्रस्त लग रहा है। इसके रोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। उन्होंने बताया कि बुखार से पीड़ित बच्चों के खून, पेशाब और थूक के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे हैं। 

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