शहर में कुत्ता पालने के लिए अब नगर परिषद से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस कुत्ता अगर घर में या बाहर सड़कों पर घूमता हुआ पाया गया तो आपके ऊपर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसी चेतावनी के साथ नगर परिषद मंडी ने बुधवार को पालतू कुत्तों का पंजीकरण करके लाइसेंस जारी करने की कवायद छेड़ दी है।
नप का दावा है कि पंजीकरण से जहां शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी। वहीं, आवारा कुत्तों की पहचान भी हो सकेगी और उन्हें पकड़कर नसबंदी की जाएगी। गौरतलब है कि मंडी में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। लोगों को काटने की काफी घटनाएं मंडी में सामने आ चुकी हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस की कोई फीस नहीं लगेगी। लाइसेंस मुफ्त में मुहैया करवाया जाएगा।
कोई भी अपने पालतू कुत्ते का पंजीकरण नगर परिषद में करवा सकता है। इसके लिए वहां फार्म भरना होगा। साथ ही कुत्ते की दो फोटो और टीकाकरण का प्रमाण पत्र (जो वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी से टीका लगने उपरांत जारी होगा) नगर परिषद कार्यालय में साथ लेकर पहुंचना होगा, जिससे कुत्ते का पंजीकरण हो सके।
कुत्तों के पंजीकरण करने के उपरांत ही कुत्ते को पालने का लाइसेंस मुहैया करवाया जाएगा। सफाई निरीक्षक नगर परिषद मंडी प्रदीप दीक्षित ने कहा कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण का काम शुरू हो गया है।
यदि किसी ने कुत्ता पाला है तो पंजीकरण करवाएं, जिससे कुत्तों के आंकड़े उपलब्ध हों सकें और भविष्य में रेबीज संबंधी केस भी नियंत्रित रखे जा सकें। साथ ही कुत्तों के आतंक से भी लोगों को निजात मिल सके। अगर कोई अपने कुत्ते का पंजीकरण नहीं करवाता है तो पहले चेतावनी दी जाएगी। बाद में लीगल एक्शन लिया जाएगा।