{"_id":"5d77897f8ebc3e93b532b475","slug":"muharram-2019-in-shimla-and-muslim-community-organised-procession","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शिमला में मुहर्रम के मौके पर निकाला जुलूस, मातम के साथ शहादत को किया याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला में मुहर्रम के मौके पर निकाला जुलूस, मातम के साथ शहादत को किया याद
Tue, 10 Sep 2019 05:01 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 10 Sep 2019 05:01 PM IST
विज्ञापन
शिमला में मुहर्रम के मौके पर निकाला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी शिमला में मंगलवार को मुस्लिम समुदाय ने मुहर्रम के मौके पर लद्दाखी इमामबाड़े से बालूगंज तक जुलूस निकाला। सिरों पर लाल पट्टियां और काले कपड़ों में हाथों पर जंजीरें लिए हुसैन के दीवानों ने सर्कुलर रोड पर मातम किया। बच्चे और युवा भारी संख्या में जुलूस में शामिल हुए।
विज्ञापन
हजरत अब्बास की कुर्बानी याद कर आंखों में आंसू लिए मंगलवार को लद्दाखी इमामबाड़ा से सुबह करीब नौ बजे जुलूस निकाला गया। बच्चे, बूढ़े और जवान सभी उम्र के लोग जुलूस में शामिल हुए।
विज्ञापन
मौलाना काजमी रजा नकवी मातम करते हुए जुलूस में सबसे आगे चल रहे थे। कंधों पर ताजिया उठा हाथों में अलम थामे जुलूस सर्कुलर रोड गुरुद्वारा और पुराने बस अड्डे होते हुए बालूगंज तक निकला।
विज्ञापन
जुलूस के पीछे चल रही कुछ औरतें सीनाजनी कर हजरत अब्बास की याद में रो रहीं थीं। मौलाना काजमी रजा नकवी ने बताया कि करबला के मैदान में शहादत का मातम आज भी गम के साथ याद किया जाता है।
मुहर्रम के मौके पर पैगंबर ए इस्लाम हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन के परिवार सहित 72 लोगों को जिसमें छह महीने का बच्चा अली असगर भी शामिल था करबला के मैदान में शहीद कर दिया था। इसी के गम में मुहर्रम मनाया जाता है।