फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   mp shanta kumar statement over loan disbursement himachal

कर्ज माफी बीमारी का सही इलाज नहीं: शांता कुमार

Sat, 29 Dec 2018 05:03 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालमपुर (कांगड़ा) Published by: ashok chauhan Updated Sat, 29 Dec 2018 05:03 PM IST
विज्ञापन
mp shanta kumar statement over loan disbursement himachal

पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद शांता कुमार का कहना है कि कर्ज माफी बीमारी का उचित इलाज नहीं है। बल्कि यह भविष्य में गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इससे देश की आर्थिकी को गहरा धक्का लगता है।

विज्ञापन


किसानों को राहत प्रदान करने को कर्ज माफी का प्रयोग पहले भी देश में किया गया है। लेकिन, किसानों की अर्थव्यवस्था में कोई अंतर नहीं आया है। किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला जारी रहा है।
विज्ञापन


उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से देश के किसानों को नकद आय प्रदान करने के निर्णय पर विचार करने को सराहनीय कदम बताया है। वर्ष 2014 में भारतीय खाद्य निगम के पुनर्नवीकरण के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की ओर से भी किसानों को नकद आय सहायता देने का सुझाव दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


शांता की अध्यक्षता में गठित इस समिति ने किसानों की समस्याओं पर गहन विचार किया था। विश्व के अधिकतर देशों में सरकारें किसानों को सीधे नकद सहायता प्रदान करती हैं। चीन में खाद अनुदान के रूप में 17 बिलियन डॉलर दिया जाता था।

अब वहां यह पूरा धन सीधे किसानों को नकद सहायता के रूप में दिया जाता है। शांता ने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसानों को नकद आय सहायता नहीं देना तर्कसंगत नहीं।


भारत सरकार खाद अनुदान के लिए हर साल करीब 70 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। लेकिन, इस अनुदान का लाभ बड़ी-बड़ी खाद कंपनियों को ही मिलता है। यह राशि देश के किसानों को नकद आय सहायता के रूप में दी जाए, तो किसान अपनी इच्छा से इसका प्रयोग कर सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed