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NIT के छात्र की मां बोली- न्याय नहीं मिला, तो कर लूंगी आत्मदाह, सीबीआई करे जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:49 AM IST
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हिमाचल के एनआईटी हमीरपुर के छात्र के अभिभावकों ने बेटे की मौत के मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखकर यह मांग उठाई है।
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न्याय न मिलने पर छात्र की मां ने 22 सितंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी है। माता पूनम वार्ष्णेय ने लिखित शिकायत में कहा कि उसका बेटा एनआईटी हमीरपुर में पढ़ता था। पांच माह पहले संस्थान में बेटे की अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में ले जाया गया।
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पूनम चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए बेटे की मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट राजेश कुमार के नाम से जबकि मृत्यु प्रमाणपत्र राजेश कुमार वार्ष्णेय दो अलग-अलग नाम से जारी किया।
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गलत मृत्यु प्रमाण पत्र को पांच माह पहले अस्पताल प्रशासन को लौटा दिया। लेकिन अभी तक नया संशोधित मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। महिला ने कहा कि पुलिस विभाग ने भी विसरा रिपोर्ट की प्रमाणित कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई है।
पुलिस विभाग विसरा रिपोर्ट को क्यों छिपा रहा है, यह जांच का विषय है। मृत्यु प्रमाण पत्र और विसरा रिपोर्ट राजेश कुमार वार्ष्णेय बैंक और इंश्योरेंस क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेज माना जाता है। लेकिन इन दस्तावेजों के अभाव में कई तरह की परेशानी हो रही है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों से आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। लेकिन दोनों ने अधूरी और गलत जानकारी दी। महिला ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलवाने की मांग की है।
एडिशनल एसपी डॉ. शिव कुमार शर्मा ने कहा कि परिजनों की शिकायत के बाद सीएमओ हमीरपुर ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर एक्सपर्ट डॉक्टरों से मामले की जांच करवाई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयगति रुकने से युवक की मौत की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों की मांग पर सारी सूचनाएं दी हैं।