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तिरंगे में लिपटकर आया शहीद अनिल, सैकड़ों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Wed, 19 Jun 2019 08:30 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला,थानाकलां/लठियाणी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,थानाकलां/लठियाणी Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Jun 2019 08:30 PM IST
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mortal remains of martyr anil jaswal reached una himachal
शहीद अनिल कुमार जसवाल की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए अनिल कुमार जसवाल बुधवार को तिरंगे में लिपटकर आए तो पूरा इलाका अनिल अमर रहे, भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा।

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शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव सरोह में पहुंचते ही लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जैसे ही शहीद की पार्थिव देह उनके घर पहुंचाई तो परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।  
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ऊना के सरोह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद को सैकड़ों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। सैन्य अधिकारियों व जवानों की टुकड़ी ने अनिल जसवाल को अंतिम सलामी दी और उनकी शहादत को सलाम किया।
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शहीद के पार्थिव शरीर को उनके भाई (ताया के बेटे) संदीप जसवाल ने मुखाग्नि दी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर भी शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

परिवार को 20 लाख की मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी

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शहीद को अंतिम विदाई देते मंत्री - फोटो : अमर उजाला

एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार भी उनके साथ उपस्थित थे। उपायुक्त संदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, सेना के अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों ने भी शहीद को भावभीनी विदाई दी।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने शहीद अनिल जसवाल के परिवार को 5 लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने बताया कि शहीद के परिवार को प्रदेश सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। 

शहीद के पिता बोले- पोते को भी फौज में भेजूंगा

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विलाप करते शहीद के परिजन - फोटो : अमर उजाला

शहीद के पिता अशोक कुमार ने कहा कि पूरे परिवार को अनिल की शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनके पिता भी सेना में कार्यरत थे। परिवार का इतिहास सेना से जुड़ा है।

ऐसे में वह चाहते हैं कि शहीद अनिल का 5 महीने का बेटा वरुण भी बड़ा होकर फौज में जाए और देश की सेवा करे। शहीद के पिता ने कहा कि उनकी बहू पढ़ी-लिखी है। ऐसे में सरकार उसे सरकारी नौकरी दे।

साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश को उम्मीद है कि वह सेना को आधुनिक बनाएंगे ताकि देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। 

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