रोहतांग टनल बनाने की घोषणा कर गए थे अटल, उसी सुरंग से आएंगी अस्थियां
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पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने दुनिया की सबसे ऊंचाई से गुजरने वाली रोहतांग टनल की नींव रखी थी। उनका अस्थि कलश उसी टनल से होकर लाहौल के चंद्राभागा संगम पर पहुंचेगा। वाजपेयी खुद रोहतांग सुरंग होकर जनजातीय इलाके में नहीं पहुंच पाए।
लेकिन मंगलवार को इसी टनल से उनके अस्थि कलश को चंद्रभागा संगम तट तक लाया जा रहा है। वाजपेयी के अस्थि कलश को हिंदु और बौद्ध परंपरानुसार पवित्र तांदी संगम की धारा में प्रवाहित किया जाएगा।
चंद्रभागा संगम में अटल की अस्थियां विसर्जित करने के लिए लाहौल घाटी में लोग राजनीतिक मतभेद भुला कर एक साथ तांदी संगम घाट में एकत्रित होने जा रहे हैं। घाटी के लोग अठारह वर्ष पूर्व के उस दिन को आज याद कर रहे हैं जब अटल ने रोहतांग टनल निर्माण की घोषणा की थी।
अस्थि विसर्जन के लिए सभी तैयारियां पूरी
उधर, कैबिनेट मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती और सीएम के ओएसडी शिशु धर्मा और सैकड़ों लोग अटल के अस्थि कलश को चंद्राभागा के संगम तट में सर्वधर्म विधि विधान अनुसार प्रवाहित करेंगे।
कृषि मंत्री डॉ. मारकंडा ने बताया कि सीएम जयराम ठाकुर ने शिमला में उन्हें अटल अस्थि कलश सौंपा है। इसे लेकर वे मंगलवार सुबह करीब 10 बजे रोहतांग टनल के नार्थ पोर्टल पहुुंचेंगे।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश सचिव मोहन कपूर ने बताया कि गोशाल महिला और युवक मंडल के सहयोग से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। भाजपा कुल्लू जिला मीडिया प्रभारी खुशहाल सिंह राठौर ने बताया कि अस्थि विसर्जन के लिए कुल्लू से भी लोग तांदी संगम पहुंचेंगे।