यमुना नदी में अटल की अस्थियां विसर्जित, जेपी नड्डा रहे मौजूद
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां सोमवार को विधि विधान और मंत्रोच्चारण के साथ पांवटा से होकर गुजरने वाली यमुना नदी में विसर्जित की गईं। पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों को रामलीला मैदान में लोगों के दर्शन एवं श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल, सांसद वीरेंद्र कश्यप, विधायक पांवटा सुखराम चौधरी, विधायक पच्छाद सुरेश कश्यप, दून के विधायक परमिंद्र पम्मी, उत्तराखंड सहसपुर के विधायक सहदेव पुंडीर, पूर्व विधायक बलदेव तोमर और फतेह सिंह, उपायुक्त ललित जैन, एसपी रोहित मालपानी मौजूद रहे।
अटल जी के दिखाए मार्ग चलना उनको सच्ची श्रद्धांजलि
रामलीला मैदान में हुई श्रद्धांजलि सभा में भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की देशसेवा और अनमोल यादों को साझा किया गया। नड्डा ने कहा कि युग पुरुष अटल के दर्शाए मार्ग पर चलकर देशसेवा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अटलजी ने 70 वर्ष सार्वजनिक जीवनकाल जिया। इसमें करीब पांच दशक तक राजनीतिक रूप से देशसेवा की। जीवन के अंतिम 10 वर्षों में वे राजनीति से पूरी तरह दूर रहे।
फिर भी उनकी अंतिम यात्रा में देश भर से जन सैलाब उमड़ा। परमाणु परीक्षण के बाद विश्व के कई देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन अटल जी देश को मजबूत करने के मार्ग से नहीं डिगे।
पड़ोसी मुल्क पाक को कूटनीति से विश्व से अलग-थलग कर दिया। कारगिल युद्ध में पाक को शिकस्त दी। इससे पहले पिपलीवाला से पांवटा रामलीला मैदान तक युगपुरुष अटल की अस्थि कलश यात्रा निकाली।