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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   more wait for new sports policy, expected till November

हिमाचल में लंबा हुआ नई खेल नीति का इंतजार, नवंबर तक उम्मीद

Sat, 29 Aug 2020 10:54 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 29 Aug 2020 10:54 AM IST
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more wait for new sports policy, expected till November
फाइल फोटो

हिमाचल में नई खेल नीति के लागू होने के लिए नवंबर तक इंतजार करना होगा। जनता के सुझाव और आपत्तियां मांगने के लिए एक जनवरी 2020 को नई खेल नीति का ड्राफ्ट जारी हुआ था। लोगों के सुझाव और आपत्तियों को नई नीति में शामिल भी कर लिया गया है। कोरोना संकट और मंत्री, सचिवों और निदेशकों के बदलने के चलते नीति बनाने की रफ्तार अब कम हो गई है। नए मंत्री और अधिकारी दोबारा से नीति को लेकर मंथन कर रहे हैं। इसके बाद वित्त, विधि और कार्मिक विभाग के पास भी नई नीति जानी है। इन विभाग से निकलने के बाद अंतिम मंजूरी के लिए नई खेल नीति को मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा। ऐसे में अभी कम से कम दो माह का और समय लगना तय है।

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 नई खेल नीति में ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ के पदक विजेता को पेंशन दी जाएगी। अर्जुन अवार्ड, ध्यानचंद अवार्ड और राजीव गांधी खेल रत्न प्राप्त अवार्डियों को मासिक वेतन दिया जाएगा। गांवों से शहरों तक नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। स्पोर्ट्स ट्रेनिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए 58 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। खिलाड़ियों पर मेहरबान जयराम सरकार ने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में तीन फीसदी आरक्षण देने और एथलीट को घायल होने पर एक लाख का बीमा कवर देने का फैसला भी लिया है। साल 2001 में प्रदेश की खेल नीति बनाई गई थी। बीते कई वर्षों से नई नीति बनाने के प्रयास जारी रहे।
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अब जयराम सरकार ने 19 साल बाद खेल नीति 2020 तैयार की है। हिमाचल की नई खेल नीति में पहली बार दिव्यांगों की खेलों के साथ साहसिक खेलों को शामिल किया गया है। राज्य अभिमन्यु अवार्ड, राज्य गुरू वशिष्ठ अवार्ड और अवार्ड फार दिव्यांग नाम से नए अवार्ड दिए जाएंगे। प्रदेश में स्पोर्ट्स म्यूजियम और लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल का गठन किया जाएगा। खेल मंत्री काउंसिल के उपाध्यक्ष होंगे। स्कूलों में फिजिकल एजूकेशन और खेलों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय, राज्य, जिला और उपमंडल स्तर के एथलीटों को स्कूल-कॉलेजों की हाजिरी में भी विशेष छूट देने का भी प्रावधान किया गया है।

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