थम जाएगे 10 हजार से अधिक ट्रकों के पहिए, झेलनी पड़ेगी दिक्कतें, पढ़िए क्या है पूरा मामला
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प्रदेश की औद्योगिक राजधानी में 9 अक्तूबर को 10 हजार से अधिक ट्रकों के पहिए थम जाएगे। ऐसे में उद्योगों सहित आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बीबीएन में सोमवार को कोई भी ट्रक माल नहीं उठाएगा।
उत्तर भारत की सबसे बड़ी यूनियनों में शुमार बीबीएन की दी ट्रक ऑपरेटर यूनियन आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के आह्वान पर हड़ताल पर रहेगी। जीएसटी तथा तेल मूल्यों में वृद्धि आदि को लेकर बुलाई इस हड़ताल में बीबीएन की ट्रक यूनियन ने इसका पूर्ण समर्थन किया है। इसके तहत सोमवार को कोई भी ट्रक उद्योगों और अन्य जगह से माल नहीं उठाएगा।
बीबीएन की ट्रक यूनियन में 10 हजार से अधिक वाहन हैं। ये देश के विभिन्न हिस्सों में माल लेकर जाते हैं। प्रतिदिन करीब 3000 ट्रक ट्राले माल लेकर रवाना होते है। यूनियन में प्रतिदिन वाहनों में माल भरने को पांच बार पुकार होती है। सोमवार को हड़ताल के चलते कोई भी गाड़ी माल नहीं उठाएगी।
ट्रक यूनियन के अध्यक्ष चौधरी विद्यारत्न ने कहा कि आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की ओर से जीएसटी तथा तेल मूल्यों में वृद्धि आदि को लेकर सोमवार को देशव्यापी चक्का जाम करने का आह्वान किया है, जिसमें ट्रक ऑपरेटर यूनियन का पूर्ण समर्थन रहेगा। उन्होंने कहा कि बीबीएन से यूनियन की कोई भी गाड़ी प्रदेश सहित बाहरी राज्यों के लिए माल नहीं उठाएगी।
उद्योग जगत पर पड़ेगा इसका असर
ट्रकों की इस हड़ताल से उद्योग जगत भी प्रभावित होगा, क्योंकि ट्रक यूनियन से कोई भी गाड़ी उद्योगों से कोई भी कच्चा और तैयार माल नहीं उठाएगी। त्योहारी सीजन होने के कारण उद्योगों के पास माल तैयार करने के ऑर्डर भी हैं, ऐसे में उन्हें कच्चे माल को लाने और तैयार माल भेजने में दिक्कत झेलनी होगी।
औद्योगिक संघ बीबीएनआईए के अध्यक्ष शैलेष अग्रवाल ने कहा कि इस हड़ताल से उद्योग जगत पर काफी मार पड़ेगी, क्योंकि पर्वों का सीजन है और उद्योगों के पास आर्डर भी है। ऐसे में कच्चा माल लाने तथा तैयार माल भेजने में उद्योगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।