हिमाचल: हादसों में हर साल जा रही एक हजार से ज्यादा लोगों की जान
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प्रदेश में हर साल एक हजार से अधिक लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। इनमें ज्यादातर मौतें लापरवाही से हो रही हैं। हजारों लोग घायल हो रहे हैं। कहीं चालक की लापरवाही, कहीं तकनीकी खराबी तो कहीं सड़कों का दुरुस्त न होना सड़क हादसों होने का कारण बन रहा है।
पिछले दो महीनों में प्रदेश में दर्जनों लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। कुल्लू के बंजार में बड़ा बस हादसा हुआ तो कई अन्य छोटे वाहन भी दुर्घटना के शिकार हुए। कांगड़ा जिले में सड़क हादसों में दो महीने में 11 लोगों की मौत हुई।
पांच जून को नूरपुर में ट्रक के नीचे आने से दो युवकों और एक जून को बस की चपेट में आने से कांगड़ा में बच्ची की मौत हुई। हमीरपुर में दो माह में जिले में दर्जन भर सड़क हादसे हुए हैं।
दो महीनों में आधा दर्जन बड़ी वाहन दुर्घटनाएं
उपमंडल नादौन के नौंहगी में दो हफ्ते पहले एक स्कूल बस और स्कूटी की टक्कर में एक की मौत हुई। नादौन में गाड़ी पलटने से युवक की जान गई। बाइक की टक्कर से भट्ठा गांव के पास एक महिला की मौत हो गई।
चंबा में पिछले दो महीनों में आधा दर्जन के करीब बड़ी वाहन दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। डलहौजी के पंजपुला में हुए बस हादसे में दस लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 लोग घायल हो गए।
कांदु के पास एक कार गहरी खाई में गिरी। इस कार हादसे में दो लोगों की मौत हुई। सोलन जिले में भी पिछले दो महीने में सड़क हादसों में कई ने जान गंवाई। पांच मई को सोलन के परवाणू टिंबर चौक पर गाड़ी खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। यही हाल शिमला और किन्नौर जिलों के भी हैं।