हिमाचल में 88 हजार से ज्यादा मतदाता पहली बार डालेंगे वोट
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हिमाचल की चार लोकसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के दौरान 88 हजार से ज्यादा मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 48 हजार 211 पुरुष, 39 हजार 889 महिला और 27 थर्ड जेंडर शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को बूथ तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें और लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्याशी अथवा पार्टी कार्यकर्ता की ओर से लोगों को घूस आदि दिए जाने पर कार्रवाई करने के लिए जागरूक किया जाएगा। हिमाचल के चुनावों में कुल 51 लाख 59 हजार मतदाता भाग लेंगे। इनमें 26 लाख 45 हजार 584 पुरुष, 25 लाख 13 हजार 357 महिला और 59 थर्ड जेंडर शामिल हैं।
महिलाएं संचालित करेंगी 136 पोलिंग स्टेशन
इनमें 62131 सर्विस वोटर भी शामिल हैं। 2014 के आम चुनावों के दौरान मतदाताओं की कुल संख्या 48 लाख 10 हजार 071 थी। 2017 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की संख्या 50 लाख 25 हजार 941 थी, जिसमें 25 लाख 68 हजार 761 पुरुष, 24 लाख 57 हजार 166 महिला, 14 थर्ड जेंडर मतदाता थे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में 10 अप्रैल से पहले तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की ही तर्ज पर इस बार प्रदेश के 136 मतदान केंद्रों में कुल महिला कर्मचारियों की नियुक्ति करने की तैयारी की है। हर विधानसभा क्षेत्र के 2 मतदान केंद्रों को इसके लिए चुना गया है। इनमें रिटर्निंग अफसर से लेकर मतदान कर्मी भी महिलाएं ही होंगी।
हर मतदान केंद्र में होगी वीवीपैट मशीन
सीईओ ने बताया कि हर मतदान केंद्र पर ईवीएम और वीवीपैट का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा 50 प्रतिशत ईवीएम व वीवीपैट को अतिरिक्त रिजर्व रखा गया है।
हर मतदान केंद्र पर एक प्रिसाइडिंग अफसर के अलावा तीन पोलिंग अधिकारी तैनात होंगे। मतदान के दौरान फोटोयुक्त मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा जिसमें मतदाता की जानकारी दर्ज होगी।
सुबह 9 से रात को 9 तक मिलेगी जानकारी
मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय में सुबह 9 से रात को 9 बजे के बीच टोल फ्री नंबर 18003321950 पर संपर्क किया जा सकेगा। हर जिले के एसटीडी कोड के साथ 1950 मिलाकर भी चुनावी जानकारी हासिल की जा सकेगी। इसके अलावा सी विजिल नाम से एप बनाया गया है, जिसमें फोटो तथा वीडियो के साथ शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इसकी सौ मिनट के अंदर जांच शुरू हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी एप की मदद ले सकते हैं दिव्यांग मतदाता
सीईओ ने बताया कि वैसे तो दिव्यांग मतदाताओं को चिह्नित करने का प्रयास किया गया है। इस बार पीडब्ल्यूडी नाम से एक एप बनाई गई है, जिसकी मदद से दिव्यांग मतदाता खुद को बतौर दिव्यांग मतदाता दर्ज करा सकते हैं। इससे उन्हें पोलिंग केंद्र में उनकी जरूरत के अनुसार जरूरी मदद दी जा सकेगी।
चुनाव के पुलिस नोडल अधिकारी एडीजी कानून व्यवस्था एसबी नेगी ने बताया कि पिछले चुनावों के दौरान 9 मामलों में से दो में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी गई। सात मामलों में चार्जशीट संबंधित कोर्ट में पेश की गई है।
कहा कि इस चुनाव को शांतिपूर्ण व भयमुक्त तरीके से कराने के लिए पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि शरारती तत्वों की सूची तैयार कर उनकी एहतियातन गिरफ्तारी की जाए।
बताया कि पिछले चुनावों में 2014 में 1489 एनबीडब्ल्यू तामील किए गए, जबकि 2017 में 428 तामील हुए। वहीं, 2014 में 36 हजार 793 व 2017 में 81261 लाइसेंसी असलहे जमा कराए गए थे। इसके अलावा 2017 में 337 मामले एक्साइट एक्ट के दर्ज किए गए।
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हिक्किम सबसे ऊंचा, शक्ति सबसे मुश्किल मतदान केंद्र
हिमाचल में सबसे ऊंचा मतदान केंद्र लाहौल स्पीति के हिक्किम मतदान केंद्र है, जिसकी ऊंचाई 14567 फुट हैं। वहीं, बंजार के शक्ति मतदान केंद्र जाने के लिए पोलिंग पार्टियों को 20 किलोमीटर पैदल सफर करना होगा। सबसे ज्यादा मतदाता ऊना जिले की संतोषगढ़ में 1359 हैं, जबकि सबसे कम मतदाता लाहौल-स्पीति के किंगर पोलिंग बूथ में सिर्फ 37 हैं।