इस फल की मिठास देगी मधुमेह और मोटापे को मात
अब तक अमेरिका और चीन से आने वाला मांक फ्रूट अब भारत में भी पैदा होगा। हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) पालमपुर मांक फ्रूट का पौधा तैयार करने वाला देश का पहला संस्थान बन गया है।
एनबीपीजीआर एजेंसी के माध्यम से चीन से बीज लाकर यह पौधा तैयार किया गया है। चीनी से तीन सौ गुणा मीठे इस फ्रूट को मधुमेह के रोगी भी खा सकेंगे, क्योंकि यह फ्रूट मधुमेह के रोगियों के लिए तो वरदान है ही, इसके अलावा उच्च रक्तचाप और मोटापे को भी कम करता है
आने वाले दिनों में यह पौधा सही रहा और अच्छे फल निकले तो मधुमेह रोगियों के साथ अन्य लोगों को भी यह फ्रूट कई बीमारियों से निजात दिलाएगा। इससे पूर्व देश में कहीं भी इस पौधे को उगाने के बारे में जानकारी नहीं थी।
अन्य स्थानों पर भी किया जाएगा तैयार : डॉ. संजय
आईएचबीटी संस्थान की लैब में खास तकनीक से इसे तैयार किया गया है। इसके फल की टेस्टिंग के बाद अगर सही पाया गया तो एनबीजीपीआर की हरी झंडी देने के बाद इसके पौधे दूसरी जगहों पर रोपे जाएंगे। मधुमेह के रोगियों को इससे पहले भी आईएचबीटी स्टीविया पौधे से निकली मिठास से मीठे का स्वाद दे चुका है।
आईएचबीटी के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि मांक फ्रूट पौधे से आने वाले दिनों में मधुमेह के रोगियों के लिए काफी लाभ होगा। इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों का वजन और ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ेगा, जिससे कई बीमारियों से छुटकारा मिलेगा।
क्या है मांक फ्रूट
मांक फ्रूट में जो फल लगेंगे उनसे विशेष प्रकार का पाउडर (मोंगरो साइड) निकाला जाएगा। इसे लोग चाय, दूध और मिठाइयों समेत अन्य चीजों में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें चीनी से तीन सौ गुणा अधिक मिठास होती है।