सिरमौर: खुले में कचरा फेंकने पर कटेगा चालान, पशुओं को लावारिस छोड़ने पर भी कार्रवाई
सिरमाैर जिले के सोलन शहर की सड़कों पर खुले में कचरा फेंकने और पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों पर अब नगर परिषद कार्रवाई करेगा।
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हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के सोलन शहर की सड़कों पर खुले में कचरा फेंकने और पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों पर अब नगर परिषद कार्रवाई करेगा। नगर परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले शहरवासियों से खुले में कचड़ा न फेंकने और पशुओं को सड़क पर लावारिस नहीं छोड़ने की अपील की जाएगी। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो ऐसे लोगों के चालान काटे जाएंगे। बैठक में शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन, बेसहारा पशुओं और कुत्तों की समस्या को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। नगर परिषद अध्यक्षा उपमा धीमान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार सहित सभी वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखीं और उनके समाधान को लेकर चर्चा की गईं।
रोजाना 12 से 14 टन कचरा, लाखों रुपये खर्च
नगर परिषद प्रतिदिन शहर से करीब 12 से 14 टन कचरा छह से सात गाड़ियों के माध्यम से एकत्र कर दोसड़का के समीप यार्ड तक पहुंचाती है। प्रत्येक गाड़ी के कचरा छोड़ने पर प्रतिमाह करीब 35 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद यार्ड से कचरा पंचकूला की निजी कंपनी को भेजा जाता है, जिसमें करीब 1,750 रुपये प्रति टन खर्च आता है। इससे नगर परिषद को हर माह लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। नगर परिषद ने शहरवासियों से कचरे का गीला और सूखा पृथक्करण करने की अपील की है। लोगों से कहा गया कि घरों में ही दोनों प्रकार के कचरे को अलग-अलग कर कचरा वाहन में डालें। इससे कचरे को अलग करने की प्रक्रिया आसान होगी और पंचकूला की निजी कंपनी को कचरा भेजने पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा।
गीले कचरे से खाद बनाने की तैयारी
यदि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग प्राप्त होता है तो गीले कचरे को नगर परिषद की ओर से पहले से बनाए गए गड्ढों में डालकर खाद तैयार की जा सकती है। इससे कचरे के निस्तारण का खर्च घटने के साथ नगर परिषद की आय का नया जरिया भी तैयार हो सकता है।
जगह-जगह खाना डालने से बढ़ रहे कुत्ते और बंदर
शहर में जगह-जगह कुत्तों को खुले में खाना खिलाने का मामला भी बैठक में प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने बताया कि गलियों और सड़कों पर खाद्य वस्तुएं डालने से कुत्ते और बंदरों का जमावड़ा बढ़ रहा हैं। इस कारण कई बार कुत्ते और बंदर लोगों पर हमला तक कर देते हैं। उन्होनें कहा कि घर में उतना ही भोजन तैयार करें जितनी आवश्यकता हो। इसके बावजूद लोग सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य सामग्री फेंकते हैं तो ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पशुपालन विभाग के सहयोग से कुत्तों की नसबंदी अभियान शुरू करने, प्रत्येक वार्ड में कुत्तों को भोजन देने के लिए स्थान निर्धारित करने, मुख्य बाजार में क्षतिग्रस्त चैंबरों को बदलने और खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने पर भी चर्चा हुई। बारिश से शहर में हुए नुकसान की मरम्मत और प्रभावित स्थानों को व्यवस्थित करने के कार्य भी जल्द शुरू करने पर सहमति बनी। बैठक में बताया गया कि प्रत्येक वार्ड में 2-3 सड़कों की मरम्मत को लेकर टेंडर किए गए हैं, जिससे लोगों को समस्याओं का सामना न करना पड़े। अध्यक्ष ने मीडिया के माध्यम से भी शहरवासियों से अपील की कि शहर सभी का है और ऐसे में शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाने के लिए सभी मिलकर सहयोग करें।