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पूर्व सीएम वीरभद्र के आवेदन पर हाईकोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब

Sat, 22 Sep 2018 11:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 22 Sep 2018 11:24 AM IST
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Money laundering case virbhadra singh highcourt seeks report from enforcement directorate

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में घिरे हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा कुछ खास कागजातों की मांग करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी।      

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पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने कहा कि जांच एजेंसी को सिंह एवं अन्य आरोपियों के आवेदन पर पांच अक्तूबर तक अपना जवाब दाखिल करना होगा। अन्य आरोपियों में वीरभद्र की पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान आदि शामिल हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अदालत में पेश हुए विशेष सरकारी वकील एनके मट्टा और नितेश राणा ने कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने इसे ज्यादा बताते हुए उन्हें दो सप्ताह का समय दिया है।       
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बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि उन्हें आरोपपत्र के साथ संलग्न कई दस्तावेज नहीं मिले हैं और जो कागजात उपलब्ध कराए गए हैं, उन्हें पढ़ा नहीं जा सकता। इसी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में पूर्व मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी व चौहान आदि के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया गया है।

सीबीआई ने दावा किया था कि वीरभद्र सिंह ने करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की थी जो संप्रग सरकार में मंत्री रहने के दौरान उनकी कुल आयु के समानुपातिक नहीं है। ईडी ने सीबीआई मामले के आधार पर यह मामला दर्ज किया है।      

गौरतलब है कि तरिनी ग्रुप कंपनी के मालिक चंद्रशेखर को 15 फरवरी को ईडी ने मनी लांन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था और निचली अदालत ने उन्हें नौ मार्च को जमानत दी थी।      

ईडी ने अपने आरोप पत्र में कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पत्नी प्रतिभा सिंह समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर सात करोड़ रुपये की गैर कानूनी संपत्ति बनाई है और एलआईसी पॉलिसी में निवेश किया है।


ईडी का आरोप है कि चंद्रशेखर ने ही वीरभद्र सिंह व उसके परिवार को 5.9 करोड़ रुपये अपने निजी खाते से उपलब्ध कराए थे। ईडी ने सीबीआई द्वारा दायर की गई शिकायत के आधार पर मनी लांन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

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