हिमाचल में सरकारी भवनों में लगेंगे कंपनियों के मोबाइल टावर
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प्रदेश के सरकारी महकमे अब प्राथमिकता के आधार पर निजी क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल टावर लगाने के लिए काम करेंगे। आईटी विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों को एडवाइजरी जारी कर दी है।
इसमें वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में बनाई गई मोबाइल टावर पॉलिसी का हवाला देते हुए टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनियों को सरकारी भवनों में टावर लगाने की अनुमति देने के लिए कहा गया है।
वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में बनी पॉलिसी के तहत निजी कंपनियों को सरकारी भवनों पर मोबाइल टावर लगाने की अनुमति दी जानी है। पॉलिसी के तहत भवन या जमीन को टावर लगाने देने की एवज में कंपनियों से निर्धारित किराया वसूल सकेंगे।
इसमें ग्राउंड पर लगने वाले टावरों के लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल रेट का दस प्रतिशत और छत पर लगाने पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मदद से जमीन व भवन की कीमत के अनुसार टावर का किराया लिया जाएगा। खास बात यह है कि यह किराया सालना आधार पर लिया जाएगा।
हाल ही में कई टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टावर लगाने में दिक्कत की बात रखी थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब आईटी विभाग ने पिछली सरकार की पॉलिसी के आधार पर भवन या जमीन कंपनियों को किराये पर देने के लिए कहा है।
आदेश के अनुसार अगर भवन को टावर की वजह से नुकसान होता है तो कंपनियों को भवन निर्माण या मरम्मत करानी होगी। टावर लगाने की मंजूरी कार्यालय के प्रभारी दे सकेंगे। हालांकि, टावर लगाने वाली कंपनी को स्थानीय निकाय से टावर लगाने की अनुमति लेनी होगी।