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राजनीति छोड़ भगवान रघुनाथ की चाकरी में लगे महेश्वर सिंह
राकेश राणा/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:47 AM IST
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देवभूमि कुल्लू में देवी-देवताओं की आस्था में बंधे लोग नौकरी से छुट्टी लेकर सेवा करने पहुंचते हैं। देवी-देवताओं की सेवा के लिए भी हर घर-परिवार से ड्यूटी निर्धारित की जाती है। मुख्य छड़ीबरदार और भाजपा विधायक महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ की चाकरी में लगे हैं। विधानसभा चुनाव सिर पर होने के बावजूद चुनाव प्रचार-प्रसार छोड़ वे देव परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।
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कुल्लू जिला के आराध्य देवता भगवान रघुनाथ की चाकरी के चलते महेश्वर सिंह बिलासपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भी भाग नहीं लेंगे। उन्होंने सभी राजनीतिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। जनसंपर्क अभियान समेत घर-घर प्रचार भी बंद कर दिया है। देवभूमि कुल्लू की जनता देवी-देवताओं पर अटूट विश्वास रखती है।
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देवी-देवताओं से आशीर्वाद लेने के लिए दशहरा उत्सव में पहुंचते हैं। भगवान रघुनाथ के लिए बतौर सेवक लोग सेवाएं दे रहे हैं। राजघराने की पुरानी रस्मों को अदा किया जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ की सेवा में जुटे हैं और पूजा-पाठ समेत अन्य रस्मों को अदा कर रहे हैं।
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इधर, भगवान रघुनाथ के प्रथम सेवक महेश्वर सिंह ने कहा कि भगवान रघुनाथ की चाकरी सबसे पहले है और सब बाद में है। देवनीति में राजनीति न कभी की है और न कभी करूंगा। जिस दिन देवनीति में राजनीति आएगी, वह मेरे जीवन का आखिरी दिन होगा। उत्सव समाप्ति के बाद पार्टी के निर्देशानुसार सभी कार्य किए जाएंगे।
देव विधि संचालन को रहती है व्यवस्था
जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि देव विधि व्यवस्था संचालन के लिए विधि रहती है। जिसे सभी अपनाते हैं। इधर, भीम सिंह, ढीणे राम, भीखम राम, उधम राम, भाग चंद ने बताया कि देवी-देवताओं के देवालयों से बाहर निकलने पर हर घर से हारियान साथ जाते हैं।