हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की मिसाल ऐतिहासिक मिंजर मेला शुरू, निकाली गई भव्य शोभायात्रा
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हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की मिसाल ऐतिहासिक मिंजर मेला भगवान रघुवीर को मिंजर अर्पित करने की रस्म के साथ ही रविवार को शुरू हो गया। मिर्जा परिवार के सदस्य एजाज मिर्जा ने पैलेस में स्थित भगवान रघुवीर को मिंजर अर्पित कर मेले का विधिवत आगाज किया।
लक्ष्मीनारायण और बंसी गोपाल मंदिर में मिंजर चढ़ाई गई। मेले के शुभारंभ पर विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। ऐतिहासिक चौगान में ध्वजारोहण रस्म भी निभाई गई। इससे पूर्व नगर परिषद कार्यालय चंबा से मिंजर शोभायात्रा निकाली गई। इसमें नगर परिषद के पदाधिकारियों समेत उपायुक्त चंबा व सदर विधायक पवन नैयर भी शामिल हुए।
गौरतलब है कि मिंजर मेला हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का प्रतीक है। सदियों पुरानी परंपरा के तहत इस बार भी मिर्जा परिवार के सदस्यों ने मिंजर तैयार की, जिसे इसी परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य की ओर से भगवान रघुवीर को अर्पित किया गया।
राजा पृथ्वी सिंह ने शुरू की थी परंपरा
यह मेला श्रावण मास के दूसरे रविवार को शुरू होकर सप्ताह भर चलता है। इस बार यह मेला 28 जुलाई से 4 अगस्त तक चलेगा। दो समुदायों में आत्मीयता और सद्भाव के प्रतीक इस मेले में हर बार की तरह इस बार भी सावन के मौसम में भगवान श्री लक्ष्मीनारायण के मंदिर में मिंजर अर्पित की गई। इसके बाद अखंड चंडी महल में भगवान रघुवीर को मिंजर चढ़ाई गई।
मुगलकाल में शाहजहां के शासनकाल में सन 1641 में राजा पृथ्वी सिंह भगवान रघुनाथ के चिन्ह चंबा लाए थे। शाहजहां ने मिर्जा साफी बेग को राजदूत के रूप में चंबा भेजा था। मिर्जा परिवार जरी और गोटे के काम में निपुण था। साफी बेग ने मिंजर को भगवान रघुनाथ के मंदिर में चढ़ाया जहां से यह परंपरा शुरू हो गई।