फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   mining department seized stone crusher of EX minister son in mandi

पूर्व मंत्री के बेटे का क्रशर सीज, बिना मंजूरी के रेत-बजरी का दोहन

Mon, 05 Mar 2018 11:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मंडी
अमर उजाला ब्यूरो, मंडी Updated Mon, 05 Mar 2018 11:16 AM IST
विज्ञापन
mining department seized stone crusher of EX minister son in mandi
Demo Pic

पूर्व मंत्री के बेटे के स्टोन क्रशर को सील कर दिया गया है। मामला हिमाचल के जिला मंडी का है। शहर के भ्यूली के साथ लगते स्कोर गांव में पूर्व मंत्री के बेटे के स्टोन क्रशर को सील कर दिया गया है। खनन विभाग ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए अवैध खनन के मामले में पहली मार्च से पहले संचालक को पक्ष रखने के हिदायत दी थी।

विज्ञापन


पक्ष न रखने पर वन, खनन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संयुक्त कार्रवाई कर सीज कर दिया है। कुछ माह पहले ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संचालक को क्रशर को बंद करने की हिदायत दी थी। जब क्रशर बंद नहीं किया तो बोर्ड ने इसकी बिजली ही काट दी थी। इसके बाद बोर्ड ने नोटिस देकर पहली मार्च तक संचालक को जवाब देने का समय दिया था। 
विज्ञापन


समय पर जवाब न मिलने पर बोर्ड ने वन और खनन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर क्रशर को सीज कर दिया है। आरोप थे कि क्रशर को नियमों को ताक पर रखकर चलाया गया है। बिना मंजूरी के रेत और बजरी का दोहन हुआ है। गत माह छह फरवरी को मामले में जांच कर रही संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। उच्च क्षमता का जेनरेटर सेट भी मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, यह जेनरेटर सेट पूरी तरह से कवर था। इस दौरान संचालक मौके पर नहीं आए। नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब सही न आने पर पहली मार्च तक समय दिया गया था। पहली मार्च तक सही जवाब नहीं आया तो स्टोन क्रशर सीज कर दिया गया। दूसरी तरफ संचालक ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है।

2011 से नहीं हुआ नवीकरण

mining department seized stone crusher of EX minister son in mandi
Demo Pic

बताया जा रहा है कि 2011 के बाद खनन लीज का नवीकरण नहीं हुआ है। खनन विभाग की मानें तो 2016 में इस क्रशर को बंद करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।

अब सवाल उठ रहा है कि इसके बावजूद यहां काम कैसे होता रहा। विभाग का दावा है कि इस बीच शार्टटर्म परमिट दिया जाता रहा, लेकिन बंद करने के फरमानों के बीच शार्ट टर्म परमिट पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

2500 टन से अधिक रेत-बजरी का दोहन
खनन विभाग के मुताबिक 2016 में क्रशर बंद करने के फरमान जारी किए गए थे। क्रशर से 2500 टन से अधिक रेत-बजरी का दोहन हुआ है। क्रशर मालिक से 500 रुपये प्रतिटन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।

नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता आरके नड्डा ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर क्रशर चलाया जा रहा था। क्रशर की बिजली काटी गई थी। बावजूद इसके क्रशर को जेनरेटर के सहारे संचालक चला रहा है। वन और खनन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर क्रशर को सीज कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed