पूर्व मंत्री के बेटे का क्रशर सीज, बिना मंजूरी के रेत-बजरी का दोहन
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पूर्व मंत्री के बेटे के स्टोन क्रशर को सील कर दिया गया है। मामला हिमाचल के जिला मंडी का है। शहर के भ्यूली के साथ लगते स्कोर गांव में पूर्व मंत्री के बेटे के स्टोन क्रशर को सील कर दिया गया है। खनन विभाग ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए अवैध खनन के मामले में पहली मार्च से पहले संचालक को पक्ष रखने के हिदायत दी थी।
पक्ष न रखने पर वन, खनन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संयुक्त कार्रवाई कर सीज कर दिया है। कुछ माह पहले ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संचालक को क्रशर को बंद करने की हिदायत दी थी। जब क्रशर बंद नहीं किया तो बोर्ड ने इसकी बिजली ही काट दी थी। इसके बाद बोर्ड ने नोटिस देकर पहली मार्च तक संचालक को जवाब देने का समय दिया था।
समय पर जवाब न मिलने पर बोर्ड ने वन और खनन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर क्रशर को सीज कर दिया है। आरोप थे कि क्रशर को नियमों को ताक पर रखकर चलाया गया है। बिना मंजूरी के रेत और बजरी का दोहन हुआ है। गत माह छह फरवरी को मामले में जांच कर रही संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। उच्च क्षमता का जेनरेटर सेट भी मिला।
हालांकि, यह जेनरेटर सेट पूरी तरह से कवर था। इस दौरान संचालक मौके पर नहीं आए। नोटिस जारी किया गया, लेकिन जवाब सही न आने पर पहली मार्च तक समय दिया गया था। पहली मार्च तक सही जवाब नहीं आया तो स्टोन क्रशर सीज कर दिया गया। दूसरी तरफ संचालक ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है।
2011 से नहीं हुआ नवीकरण
बताया जा रहा है कि 2011 के बाद खनन लीज का नवीकरण नहीं हुआ है। खनन विभाग की मानें तो 2016 में इस क्रशर को बंद करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
अब सवाल उठ रहा है कि इसके बावजूद यहां काम कैसे होता रहा। विभाग का दावा है कि इस बीच शार्टटर्म परमिट दिया जाता रहा, लेकिन बंद करने के फरमानों के बीच शार्ट टर्म परमिट पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
2500 टन से अधिक रेत-बजरी का दोहन
खनन विभाग के मुताबिक 2016 में क्रशर बंद करने के फरमान जारी किए गए थे। क्रशर से 2500 टन से अधिक रेत-बजरी का दोहन हुआ है। क्रशर मालिक से 500 रुपये प्रतिटन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
नियमों की अवहेलना पर कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता आरके नड्डा ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर क्रशर चलाया जा रहा था। क्रशर की बिजली काटी गई थी। बावजूद इसके क्रशर को जेनरेटर के सहारे संचालक चला रहा है। वन और खनन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर क्रशर को सीज कर दिया गया है।