ऊना जिला मुख्यालय में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे प्रवासी कामगारों की झुग्गी-झोंपड़ियों में अचानक आग भड़क गई। आग ने चंद मिनट में ही दर्जनों झुग्गियों को चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में 59 झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। घटना में करीब 300 लोग प्रभावित हुए हैं। भीषण अग्निकांड पर चार दमकल वाहनों ने काबू पाया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग की भेंट चढ़ीं झोपड़ियां निजी भूमि पर बनी थीं।
जानकारी के अनुसार ऊना-नंगल रोड पर राधा स्वामी सत्संग भवन के समीप गुरुवार दोपहर को एक झुग्गी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते यह आग साथ लगती प्रवासी लोगों की कई झुग्गियों में फैल गई। घटना के वक्त पुरुष प्रवासी मजदूर काम पर गए थे। कुछ महिलाएं और बच्चे ही मौके पर थे जिन्हें कड़ी मशक्कत कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ बच्चे पहले से ही बाहर थे। आग की घटना के बीच कुछ बच्चों के न मिलने पर प्रवासी लोगों में अफरातफरी मची रही।
हालांकि, बाद में बच्चे मिल गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल कर्मी व प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत कर ऊना से तीन दमकल और टाहलीवाल से आए एक दमकल वाहन के माध्यम से दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। टीम के प्रयासों से ही साथ लगती दर्जनों अन्य झुग्गियां जलने से बच गई।
एहतियातन एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, एएसपी प्रवीण धीमान, एसडीएम डॉ. निधि पटेल व अन्य मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। झुग्गी- झोपड़ी में रहने वाले प्रवासी मजदूर यूपी और बिहार के रहने वाले हैं। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आग की घटना में करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उधर, एसडीएम सदर डॉ. निधि पटेल ने बताया कि प्रभावितों को फिलहाल एक-एक हजार रुपये फौरी राहत दी गई है। प्रभावितों के खाने पीने व रहने का इंतजाम किया गया है।
दोबारा सुलगी आग- झुग्गी-झोपड़ियों में दोपहर को लगी आग को बुझाने के बाद यहां रखी लकड़ियां दोबारा सुलग गई। दमकल विभाग की टीम ने तत्काल आग पर काबू पाया। झोपड़ियों के बीच काफी मात्रा में सूखी लकड़ियां रखी गई थीं।