मैहतपुर : अलर्ट के बाद सुबह चलाया चेकिंग अभियान, दोपहर बाद सन्नाटा
सोमवार को पंजाब से सटे ऊना जिले के मैहतपुर की सीमा पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे, लेकिन दोपहर बाद पुलिस कर्मचारियों के जाते ही व्यवस्था आम दिनों की तरह हो गई।
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धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर के बाहर खालिस्तानी झंडे लगाने की घटना के बाद हिमाचल प्रदेश की सीमाओं को सील करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को पंजाब से सटे ऊना जिले के मैहतपुर की सीमा पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे, लेकिन दोपहर बाद पुलिस कर्मचारियों के जाते ही व्यवस्था आम दिनों की तरह हो गई। मैहतपुर बॉर्डर पर पुलिस कर्मचारियों ने सुबह करीब 11:00 बजे से 3:30 बजे तक पंजाब से हिमाचल सीमा में दाखिल होने वाले वाहनों को जांच पड़ताल के बाद ही प्रदेश में दाखिल होने की इजाजत दी। पुलिस कर्मचारियों के जाने के बाद हिमाचल पंजाब का यह बॉर्डर पहले की तरह सूना नजर आया। बॉर्डर के आसपास के दुकानदारों की मानें तो सुबह से दोपहर बाद तक सभी वाहनों की तलाशी लेने के बाद ही इन्हें हिमाचल में एंट्री दी गई। पुलिस कर्मियों के जाने के बाद हालात पहले जैसे नजर आए।
उधर, संवाददाता ने 3:40 बजे बॉर्डर पर रियलिटी चेक किया तो पाया कि बॉर्डर पर रोजाना की तरह एक पुलिस कर्मचारी ही तैनात था। पंजाब तथा अन्य राज्यों से हिमाचल में दाखिल होने वाले किसी भी वाहन को न तो रोका जा रहा था, न ही चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली तथा पंजाब नंबर के कई वाहन हिमाचल में दाखिल हुए, लेकिन उनकी किसी प्रकार की जांच नहीं हुई। प्रदेश पुलिस के हिमाचल की सीमाओं को सील करने के दावे सोमवार दोपहर बाद हवा हवाई नजर आए। उधर, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि हिमाचल-पंजाब सीमा पर नाके लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है।