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Shimla News: प्रशासन से बैठक बेनतीजा, पंद्रह से हड़ताल पर जाएंगे सैहब कर्मी

Tue, 12 May 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 11:59 PM IST
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Meetings with the administration were inconclusive, and the Sahib workers will go on strike from the 15th.
वेतन बढ़ोतरी पर अड़े हैं सैहब कर्मचारी
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आयुक्त ने कहा एजीएम ही ले सकती है यह फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के कर्मचारी 15 मई से हड़ताल पर जाएंगे। नगर निगम प्रशासन के साथ मंगलवार को हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल का एलान कर दिया है। शुक्रवार से अब सैहब कर्मचारी घरों से कूड़ा नहीं उठाएंगे।
राजधानी में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच अचानक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सफाई व्यवस्था ठप हो सकती है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि ऐसी नौबत नहीं आएगी। सैहब कर्मचारी यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को आयुक्त भूपेंद्र अत्री से मिला। इस दौरान यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कर्मचारियों को सालाना दस फीसदी की वेतन बढ़ोतरी देने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 12 साल में पहली बार नगर निगम ने यह बढ़ोतरी रोक दी है। निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि यह नगर निगम का फैसला नहीं है। सैहब की एजीएम ने यह फैसला लिया है। अध्यक्ष ने कहा कि यह फैसला कर्मचारी विरोधी है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। इसके लिए तुरंत एजीएम बुलाने की मांग की। आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि दोबारा एजीएम में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की जाएगी लेकिन 31 मई के बाद ही यह बैठक बुलाई जा सकती है।
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एजीएम बुलाने की मांग पर अड़े रहे कर्मचारी
कर्मचारी तुरंत एजीएम बुलाने की मांग पर अड़े रहे जिस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। आयुक्त से मिलने के बाद सैहब कर्मचारियों ने सीटू के साथ मिलकर बैठक की। इसमें 15 मई से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इस दौरान सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रहेगी। कोई भी कर्मचारी कार्य नहीं करेगा। बैठक में सैहब से संबंधित डोर टू डोर गारबेज कलेक्टर, सुपरवाइजर, रोड स्वीपिंग स्टाफ सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला सचिव बालक राम, विवेक कश्यप ने कहा कि दस प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का फैसला गलत है। इससे कर्मचारियों को नुकसान होगा। सैहब कर्मियों को छुट्टियों, ओवरटाइम वेतन और अतिरिक्त कार्य का वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह श्रम कानूनों का पूर्ण उल्लंघन है।
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