फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   medical education and snake bite cases workshop in igmc shimla

मानसून में जरा बच के रहें इन किस्मों के सांपों से

Mon, 20 Jun 2016 03:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 20 Jun 2016 03:54 PM IST
विज्ञापन
medical education and snake bite cases workshop in igmc shimla
मानसून में ग्रीन पिट और क्रेट सांप से सतर्क रहें।

मानसून की दस्तक के साथ ही आपको सर्पदंश से एहतियात बरतना जरूरी है। राजधानी शिमला में मानसून के दौरान ग्रीन पिट वाइपर नाम का सांप सबसे घातक हो जाता है। इस सांप के डसने के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं।

विज्ञापन


मानसून में इनके बिल में पानी भर जाता है और यह बाहर आ जाते हैं। इस सांप के डसने से आदमी की किडनी काम करना बंद कर देती है। शिकार व्यक्ति के मुंह से खून बहना शुरू हो जाता है। समय पर इलाज न मिलने से व्यक्ति की मौत हो जाती है।
विज्ञापन


यह जानकारी इमरजेंसी मेडिसन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक चौहान ने दी। आईजीएमसी में गोल्डन जुबली के मौके पर दो दिवसीय सीएमई (कंटीयूनिंग मेडिकल एजूकेशन) मेडिसन विभाग की ओर से करवाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएमई में बाहरी राज्यों से भी डॉक्टर यहां पहुंचे हैं। डॉ. चौहान ने बताया कि सांप के डंसने पर नजदीकी अस्पताल में पीड़ित को उपचार के लिए तुरंत ले जाना चाहिए।

समय रहते एंटी स्नेक वेनम दी जाए तो व्यक्ति की जान बच जाती है। ग्रीन पिट सांप के डंसने से व्यक्ति की मौत धीरे धीरे होती है। इस दौरान खतरनाक सांप क्रेट के डंसने संबंधी जानकारी भी अवगत करवाई गई। क्रेट सांप ज्यादातर कांगड़ा में पाया जाता है। यह सांप ज्यादातर रात के समय सोते हुए लोगों पर हमले करता है।

टांडा मेडिकल कॉलेज में आंकड़ों के मुताबिक सांप के काटने के कुल 90 केस पहुंचे थे। इसमें से 40 लोगों को क्रेट सांप ने काटा था। इस सांप के डसने पर व्यक्ति को पता नहीं चलता। समय पर इलाज न होने से व्यक्ति को लकवा मार जाता है। इस सांप के डसने से मौत के मामले सामने आते हैं।

क्रेट सांप के डसने के लक्षण

medical education and snake bite cases workshop in igmc shimla
कार्यशाला में पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला

बाजू का न हिल पाना
आंखें बंद होना
कुछ भी न निगल पाना

यह आया शोध में सामने
शोध में सामने आया है कि क्रेट सांप के दांत काफी छोटे होते हैं। व्यक्ति को डसने के बाद भी इस सांप के दांतों के निशान शरीर पर नही दिख पाते, इससे चिकित्सकों भी कई बार डायगनोज नहीं कर पाते।

ब्रूसोलिसस रोग पर भी दी जानकारी
आईजीएमसी मेडिसन विभाग के डॉक्टर राजीव रैना ने ब्रूसोलोसिस रोग पर मौजूद लोगों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोग ज्यादातर पालतू जानवरों से फैलता है। रोग के कारण व्यक्ति के लीवर में सूजन और तेज बुखार होता है। कच्चा दूध, कच्चा पनीर के सेवन से यह बीमारी होती है।

सीएमई के दौरान सामने आया कि बूचड़खाना और वेटरनरी में काम करे रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों में यह रोग हो सकता है। सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी का इलाज नही है। उपचार के लिए मरीजों को डॉक्सीसाईक्लीन, रिफामपिन और टेट्रासाइकलन जैसी एंटीबायोटिक दवाएं खाने को दी जाती हैं।

कांगड़ा, चंबा में पांव पसार रहा काला जार रोग
इस मौके पर डॉक्टर सुजीत रैना ने काला जार रोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांगड़ा और चंबा में इसके मरीज पाए जा रहे है। यह रोग सेंड फ्लाई के काटने पर होता है और समय पर इलाज मिलने से इससे बचा जा सकता है।

यह रहे मौजूद
स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक डॉ. एसएस कौशल, कालेज प्राचार्य डॉ. केपी चौधरी, मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा सहित अन्य फेकल्टी मेंबर और प्रशिक्षु छात्र मौजूद रहे।

यह थे आयोजक
मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा, सेक्रेटरी डॉ. राजीव रैना

ये रहे स्पीकर
प्रोफेसर एएन रॉय, प्रोफेसर संजय जैन, प्रोफेसर राजेश शर्मा, फिजीशियन ऑफ इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर जीएस वांडर, प्रोफेसर डॉ. अश्वनी गुप्ता, प्रोफेसर एस ठाकुर, डॉ. सुशील कोटरू, डा. तेजेंद्र, प्रोफेसर अजय शर्मा,  प्रोफेसर राजेश कश्यप और प्रोफेसर ए राजवंशी। प्रोफेसर शिंपा शर्मा, प्रोफेसर सुधीर शर्मा, प्रोफेसर अतुल सचदेवा, डॉ. विवेक चौहान, डॉ. सुजीत रैना, प्रोफेसर राजीव रैना, प्रोफेसर सुभाष वर्मा, प्रोफेसर मनोज रोहित और प्रोफेसर गगनदीप सिंह। Published by Arvind Thakur

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed