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अब एक और टैक्स लगाने की तैयारी में एमसी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 19 Aug 2014 07:24 PM IST
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नगर निगम शहर में एक बार फिर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी में जुट गया है। नेशनल हाइवे में बैरियर लगाने के लिए नए सिरे से रिवाइज ड्राइंग तैयार की गई है। इस बार नगर निगम किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता। सूत्र बता रहे हैं कि इस बार टेंडर नहीं होंगे। नगर निगम खुद ही गाड़ियों से ग्रीन टैक्स वसूलेगा।
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ग्रीन टैक्स के तहत बाहरी राज्यों की नंबर वाली गाड़ियों से शहर में प्रवेश को लेकर फीस वसूली जाती है। इसके दायरे में वे लोग भी आते हैं जो शहर में रहते हैं लेकिन उनके पास बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं। हालांकि इन गाड़ियों को स्थानीय नंबर लेने के लिए टैक्स से तीन महीनों में छूट दे दी गई थी।
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यह ग्रीन टैक्स बैरियर, ओल्ड बैरियर, टुटू, तारादेवी और मैहली में लगाए गए थे। नगर निगम ग्रीन टैक्स लगाने को लेकर रिवाइज ड्राइंग इस हफ्ते नेशनल हाइवे को सौंपने जा रहा है। मंगलवार को आयुक्त के टेबल पर यह फाइल आएगी, उनकी अनुमति के बाद एनएच को फाइल भेज दी जाएगी।
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नेशनल हाइवे ने ग्रीन टैक्स वसूली पर रोक लगा दी थी। टैक्स बैरियर के नाम पर तारादेवी में ठेकेदार ने केवल रस्सी लगा रखी थी। बैरियर पर नियमों को ताक पर रखा था। इस वजह से टैक्स देने वालों को भी दिक्कत आ रही थी और मौके पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं। इसी दौरान मामला अदालत में पहुंचा।
अदालत ने नगर निगम को औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। इसी के तहत अब निगम को नेशनल हाइवे स्तर का बैरियर बनाना है। नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि रिवाइज ड्राइंग तैयार की गई है। इसे जल्द मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।
खाते में एक साल में आने थे 6 करोड़
निगम ने 15 सितंबर 2012 को शहर में ग्रीन टैक्स लागू किया था। 24 अगस्त 2012 को केंद्र सरकार की ओर से ग्रीन फीस लगाने के लिए अनुमति दी गई थी। इसका ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया। यह छह करोड़ का सालाना टेंडर था। लेकिन ग्रीन टैक्स विवादों में रहा। शुरुआती समय में ही आपत्तियों के कारण बंद हो गया।
ये थी ग्रीन टैक्स फीस
दोपहिया वाहन-----------------100 रुपये
छोटे वाहन----------------------200 रुपये
एसयूवी-यूटिलिटी---------------300 रुपये
भारी वाहन----------------------500 रुपये