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अब इन्हें में भी चुकाना पड़ेगा प्रॉपर्टी टैक्स
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 17 Aug 2014 01:19 PM IST
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नई टैक्स पद्धति यूनिट एरिया मेथड के दायरे में शहर के मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे भी आ गए हैं। राजधानी में तीन दर्जन से अधिक धार्मिक स्थलों से भी नगर निगम अक्तूबर से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलेगा। धार्मिक स्थलों में सिर्फ प्रार्थना स्थलों को टैक्स से छूट दी गई है। व्यावसायिक क्षेत्रों को टैक्स के दायरे में लाया गया है।
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नगर निगम ने राजपत्र में प्रकाशित यूनिट एरिया मेथड के बॉयलाज में इसका उल्लेख किया है। शहर में राम मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, संकट मोचन, तारादेवी, ढिंगू मंदिर, जामा मस्जिद, क्राइस्ट चर्च, कैथोलिक चर्च, ओल्ड बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारे समेत कई अन्य धार्मिक स्थलों में व्यावसायिक गतिविधियां चलती हैं।
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धार्मिक स्थलों में धर्मशालाएं और दुकानें बनाई गई हैं। कई धार्मिक स्थलों में प्रदर्शनी लगाने को भी स्थान किराये पर दिए जाते हैं। नगर निगम अब इन व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाएगा।
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भंडारा स्थलों पर नहीं लगेगा टैक्स
धार्मिक स्थलों पर भंडारे का आयोजन करने वाले स्थान प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे से बाहर हैं। टैक्स की गणना करने के समय भंडारा स्थल के एरिया को नहीं जोड़ा जाएगा।
समय पर टैक्स नहीं देने पर लगेगा जुर्माना
प्रॉपर्टी टैक्स बिल जारी होने के एक माह के भीतर अगर भवन मालिक टैक्स जमा नहीं करवाते हैं तो जुर्माना देना होगा। जुर्माने के तौर पर भवन मालिक को मूल राशि पर एक प्रतिशत ब्याज चुकाना पड़ेगा।