आपसी लड़ाई में लटक गई येलो लाइन, डीसी ने दूसरी बार निगम को भेजी फाइल
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राजधानी में एक जुलाई को हुए स्कूल बस हादसे के बाद शहर की जनता को अवैध पार्किंग से निजात दिलाने की बजाय जिला प्रशासन और नगर निगम अब आपसी विवाद में पड़ गए हैं। सीएम जयराम ठाकुर के आदेशों के दो हफ्ते बाद भी शिमला शहर में येलो लाइन नहीं लग पाई है। जिला प्रशासन ने दूसरी बार पार्किंग की फाइल वापस नगर निगम को लौटा दी है। उपायुक्त कार्यालय से येलो लाइन पार्किंग के प्लान संबंधी पूरा ब्यौरा फाइल के साथ भेजने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि अधूरी फाइल मिलने से पार्किंग सुविधा देने में देरी हो रही है।
उधर, नगर निगम का कहना है कि जिला प्रशासन ने जो जानकारी मांगी थी, वह भेजी गई है। इसके बावजूद येलो लाइन पार्किंग नोटिफाई करने में देरी हो रही है। बहरहाल, दोनों महकमों में चल रहे विवाद से शहरी जनता पिस रही है। सड़कों पर अवैध पार्किंग जारी है जबकि कई वार्डों में येलो लाइन न लगने से गाड़ियों के चालान कट रहे हैं।
साढ़े 11 हजार वाहनों को मिलेगी पार्किंग
एक जुलाई को खलीनी बस हादसे के तुरंत बाद सीएम जयराम ठाकुर ने शहर में येलो लाइन पार्किंग की सुविधा देने के निर्देश दिए थे। निगम ने दो जुलाई को स्पेशल हाउस में येलो लाइन पार्किंग प्लान को मंजूरी दी। इसके तहत शहर में येलो लाइन लगाकर करीब साढ़े 11 हजार वाहनों को पार्किंग की सुविधा दी जानी है। पार्किंग की फाइल अभी निगम और जिला प्रशासन के बीच ही झूल रही है। खलीनी बस हादसे के बाद भी शहर में अवैध पार्किंग ज्यों की त्यों है।
पानी पर भी हो चुका है विवाद
शहर में पेयजल सप्लाई को लेकर भी नगर निगम और जिला प्रशासन आमने सामने आ चुके हैं। निगम ने पेयजल सप्लाई घटने और गिरि में हुई अवैध डंपिंग के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था। उधर, प्रशासन ने निगम के पेयजल वितरण पर सवाल खड़े किए थे। प्रशासन का कहना था कि जब रोज 40 एमएलडी से ज्यादा पानी शहर को मिल रहा है तो फिर आधे शहर में क्यों पानी नहीं दिया जा रहा?
पार्किंग का पूरा रिकॉर्ड मांगा है
येलो लाइन पार्किंग की फाइल वापस नगर निगम को भेजी है। येलो लाइन पार्किंग का पूरा ब्यौरा देने को कहा है ताकि इस पर जल्द कोई फैसला लिया जा सके। - अमित कश्यप, उपायुक्त शिमला
जिला प्रशासन ने पहले जो जानकारी मांगी थी, उसे तुरंत उपलब्ध करवा दिया गया था। अभी फाइल वापस आने की जानकारी नहीं है। उपायुक्त से बात करेंगे कि येलो लाइन पार्किंग नोटिफाई करने में देरी क्यों हो रही है। - कुुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला