{"_id":"e14d262d6fa175def4dc1ebb842489f6","slug":"mc-shimla-monthly-meeting-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़िए, आखिर नगर निगम की बैठक में क्यों बरपा हंगामा?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़िए, आखिर नगर निगम की बैठक में क्यों बरपा हंगामा?
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 29 Apr 2015 09:18 PM IST
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नगर निगम शिमला की वित्तीय वर्ष 2015-16 की पहली बैठक का भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया। बुधवार को दोपहर ढाई बजे मासिक बैठक का आगाज नेपाल और उत्तर भारत में आए भूकंप में मारे लोगों सहित पार्षद सत्या कौंडल की माता और सुरेंद्र चौहान की सास के देहांत को लेकर शोक प्रस्ताव पारित कर हुआ। इसके बाद एकाएक पार्षद बिफर उठे।
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पार्षदों ने शहर में विकास कार्य ठप होने, एजेंडा समय पर न मिलने और बैठक से कई अफसरों के नदारद रहने का मामला उठाया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे उपमहापौर टिकेंद्र पंवर के साथ पार्षदों की बहसबाजी भी हुई। भाजपा पार्षद अनूप वैद ने पार्षदों की अनदेखी होने का आरोप भी लगाया और अपनी सीट से उठकर बाहर जाने लगे। इसी दौरान अन्य पार्षद भी अपनी सीटों से उठकर आरोप लगाने लगे।
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तभी उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि जो जाना चाहता है जाए, ऐसे सदन नहीं चलेगा। इस पर पार्षद भड़क गए। सभी पार्षदों ने एकमत होकर बैठक का बॉकआउट कर दिया। उपमहापौर ने पार्षदों के बचत भवन से बाहर जाने पर दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की। दस मिनट बाद भी पार्षद वापस नहीं लौटे। उपमहापौर ने फिर तीन बजे बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
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पार्षद अनूप वैद, शशि शेखर चीनू, उमा कौशल, उषा लखनपाल और शैलेंद्र चौहान ने मंगलवार को एजेंडा देने का मामला उठाया। पार्षदों ने कहा नियमानुसार बैठक से पांच दिन पहले एजेंडा पार्षदों को भेजना चाहिए। कहा सप्लीमेंटरी एजेंडा बैठक में देना गलत है। फाइनेंस एंड प्लानिंग कमेटी के सदस्यों के सुझावों को एजेंडे में शामिल नहीं किया है। निगम प्रशासन अपनी मनमर्जी कर रहा है।
महापौर बीमार, आयुक्त सचिवालय में
बैठक की अध्यक्षता उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने की। महापौर संजय चौहान बीमार होने के चलते बैठक में मौजूद नहीं रहे। आयुक्त पंकज राय सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शामिल होने गए थे।
उपमहापौर का रवैया अशोभनीय : चीनू
कांग्रेस पार्षद दल के नेता शशि शेखर चीनू ने कहा कि बैठक में उपमहापौर का रवैया सही नहीं था। उनका यह कहना कि ‘जिसने बैठक में बैठना है बैठे, जिसने जाना है जाए’ अशोभनीय था। इसके विरोध में कांग्र्रेस के पार्षदों ने बैठक का बॉकआउट किया। चीनू ने कहा कि उपमहापौर का रवैया अगर ऐसा ही रहा तो सदन चलाना मुश्किल होगा। कांग्रेस पार्टी इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
बेवजह की राजनीति कर रहे पार्षद : टिकेंद्र
उपमहापौर टिकेंद्र पंवर का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस के पार्षद बेवजह की राजनीति कर रहे हैं। मुद्दों को तूल दिया जा रहा है। एजेंडा देरी से भेजने के लिए सहायक आयुक्त प्रशांत सरकेक ने माफी भी मांगी। ऐसा भविष्य में नहीं होगा। यह पार्षदों को बताया भी गया। इसके बावजूद पार्षद बैठक से उठकर चले गए। पार्षदों का सदन में दस मिनट इंतजार भी किया गया। जल्द ही इस स्थगित बैठक को दोबारा बुलाया जाएगा।