गांव पहुंचा जांबाज शहीद सुबेदार का शव, कल होगा अंतिम संस्कार
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जनजातीय क्षेत्र के जांबाज शहीद सुबेदार रिंगजिन दोर्जे (42) का पार्थिव शरीर चंड़ीगढ से वायु सेना के हेलीकॉप्टर से काजा पहुंचा। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर का दर्शन करने के लिए स्पिति वैली के विभिन्न गांव से आए लोग मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से एडीसी विक्रम नेगी और डीएसपी मुकेश कुमार भी मौजूद रहे।
ग्लेशियर की चपेट में आने से लाहौल-स्पीति का जवान शहीद
शहीद का पार्थिव शरीर काजा पहुंचने के बाद आर्मी के वाहन द्वारा काजा से 30 किलोमीटर दूर उनके पैतृक गांव चिचम पहुंचाया गया। काजा से उनके साथ हजारों की संख्या में लोग उनके पीछे-पीछे उनके गांव तक पहुंचे।
बौद्ध धर्म के रीति रिवाजों के तहत होगा अंतिम संस्कार
शहीद रिंगजिन दोर्जे का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दो बजे बौद्ध धर्म के रीति रिवाजों के तहत किया जाएगा। शहीद रिंगजिन दोर्जे की मौत के बाद उनके दो बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी उनकी पत्नी पर आ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कारगिल में माउंट नून एक्सपीडिशन के दौरान दो दिन पहले नून पीक पर ग्लेशियर की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
एक्सपीडिशन शुरू होने से पहले 15 अगस्त को अंतिम बार अपने परिजनों से मिले थे। शहीद रिगजिन तीन बार एवरेस्ट और एक बार 8 हजार फीट उंची धौलागिरी को फतह कर चुके हैं। उनकी 6 साल की बेटी और 9 साल का एक बेटा है। रिंगजिन दोर्जे की इस तरह मौत होने से स्पिति वैली में शोक की लहर है।