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Martyr Amit Sharma: बेटे के आखिरी दीदार के इंतजार में पथराईं आंखें, सदमे में मां-बाप

Fri, 13 Jan 2023 10:40 AM IST
Krishan Singh सलिल भाटिया, संवाद न्यूज एजेंसी, सलौणी (हमीरपुर)
सलिल भाटिया, संवाद न्यूज एजेंसी, सलौणी (हमीरपुर) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 13 Jan 2023 10:40 AM IST
सार

हमीरपुर के शहीद जवान अमित शर्मा (23) का पार्थिव शरीर घर नहीं आ सका है। बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने से शहीद की पार्थिव देह अभी घर पर नहीं पहुंच पाई। 

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Martyr Jawan Amit Sharma: Stony eyes waiting for son's last sight, parents in shock
शहीद जवान अमित शर्मा के माता-पिता। - फोटो : संवाद

विस्तार

हादसे के दो दिन बाद भी गुरुवार की शाम तक हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के शहीद जवान अमित शर्मा (23) का पार्थिव शरीर घर नहीं आ सका है। बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने से शहीद की पार्थिव देह अभी घर पर नहीं पहुंच पाई। अब शुक्रवार दोपहर तक पार्थिव देह के पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद पैतृक गांव में सैनिक एवं राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि होगी। इस बीच, बेटे के आखिरी दीदार के इंतजार में माता-पिता की आंखें पथरा गई हैं। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

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ग्राम पंचायत धनेड़ के तहत तलाशी खुर्द किरवीं गांव के रहने वाले भारतीय सेना के जवान अमित शर्मा मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में गश्त के दौरा बर्फ पर फिसलने से शहीद हो गए। अचानक हुए इस हादसे में गांव के जांबाज जवान की जान जाने से सभी स्तब्ध हैं। परिवार में मातम पसरा है। घरवालों को अब शहीद बेटे की पार्थिव देह के आने का इंतजार है। अमित की बहन भी ससुराल से मायके पहुंच चुकी है। बड़ा भाई पिछले कल छोटे भाई की शहादत का समाचार मिलते ही मुंबई से निकल चुका है। आज देर रात तक उसके पहुंचने की उम्मीद है।
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गमगीन माहौल में शहीद के घर पर दो दिन से चूल्हा नहीं जला। परिवार के लोगों ने भोजन ग्रहण नहीं किया। मां ने सिर्फ पानी पीया। जबकि, पिता ने भी चाय ही पी है। गमगीन लोगों की जुबान पर बस अमित की ही बातें हैं। वहीं घर पर शोक जताने वालों का तांता लगा है। अमित की मां अलका देवी का कहना है कि सबकी आंखों का तारा और परिवार में इकलौता कमाने वाला नौजवान बेटा असमय सबको छोड़ कर चला गया। वह बार-बार आंगन की तरफ टकटकी लगाए अपने जिगर के टुकड़े की पार्थिव देह के आने का इंतजार कर रही हैं। 
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पिता विजय कुमार रुंधे गले से खुद बड़ी मुश्किल से धैर्य रखते हुए परिवार के सदस्यों को हौसला बंधा रहे हैं। शहीद अमित स्कूल और कॉलेज स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2019 में भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। छह माह पहले ही अमित के दादा और अभी छह दिन पूर्व ही दादी का देहांत हुआ है। अब लाड़ले की शहादत से पूरा परिवार टूट गया है।

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