फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Martyr ankesh bhardwaj cremation in bilaspur himachal pradesh

शहीद अंकेश भारद्वाज: मां बोली - खिलौने की तरह आया था, खिलौने की तरह ही चला गया

Mon, 14 Feb 2022 01:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, भराड़ी (बिलासपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, भराड़ी (बिलासपुर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 14 Feb 2022 01:44 PM IST
सार

शहीद अंकेश भारद्वाज की पार्थिव देह घर पहुंचते ही मां कश्मीरी देवी बेसुध हो गईं। महिलाएं उनको संभालती रहीं। पहले से घर में मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

विज्ञापन
Martyr ankesh bhardwaj cremation in bilaspur himachal pradesh
शहीद अंकेश की मां कश्मीरी देवी। - फोटो : संवाद

विस्तार

तू खिलौने की तरह आया था और खिलौने की तरह ही चला गया। बेटा तुझे कई बार डांटा भी, जाने-अनजाने में कोई गलती हुई हो तो माफ कर देना। शहीद अंकेश भारद्वाज को आखिरी विदाई देते समय मां कश्मीरी देवी ने ये शब्द कहे। सेना के जवानों ने शहीद अंकेश की फोटो मां को दी तो उन्होंने इसे सीने से लगा लिया। फोटो को चूमकर बेटे को नमन किया। मां कश्मीरी देवी ने बेटे का माथा चूमकर तो पिता बांचा राम ने सैल्यूट कर बेटे को अंतिम विदाई दी। शहीद के पिता खुद बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं।

विज्ञापन


शहीद अंकेश की अंतिम यात्रा में शामिल होकर मां ने जिगर के टुकड़े को मुक्ति धाम तक पहुंचाया। जिस वक्त माता-पिता ने शहीद बेटे को सलामी दी तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इनमें महिलाएं, युवतियां और छोटे छोटे बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, महिलाएं मुक्तिधाम तक न के बराबर ही जाती हैं, लेकिन शहीद की अंतिम झलक पाने और उनके अंतिम सफर के दौरान दर्जनों महिलाएं सीर खड्ड किनारे मौजूद रहीं। 
विज्ञापन


शहीद बेटे की पार्थिव देह घर पहुंचते ही बेसुध हो गई मां 
शहीद अंकेश भारद्वाज की पार्थिव देह घर पहुंचते ही मां कश्मीरी देवी बेसुध हो गईं। महिलाएं उनको संभालती रहीं। पहले से घर में मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। अंकेश की पार्थिव देह के साथ शहीद बेटे का सामान भी लाया गया। काले रंग के अटैची पर अंकेश का नाम लिखा था। इसे देखकर कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिता बोले - छोटा बेटा भी जाएगा सेना में, खुद करवा रहे तैयारी
शहीद अंकेश के पिता बांचा राम की आंखों में आंसू थे और लफ्ज खामोश थे, लेकिन बेटे की शहादत से सीना गर्व से चौड़ा था। शहीद अंकेश के पिता ने कहा कि उनका छोटा बेटा भी सेना में जाकर देश सेवा करेगा। छोटे बेटे को वह खुद सेना में भेजने की तैयारी करवा रहे हैं। देश सेवा का जज्बा उनके खून में है और वह हमेशा रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed