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ब्लू व्हेल, खूनी खेल के शिकंजे में कई स्कूली छात्र

Thu, 14 Sep 2017 01:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 14 Sep 2017 01:14 PM IST
many student in first stage of blue whale game challenge
ब्लू व्हेल चैलेंज

ब्लू व्हेल चैलेंज से राजधानी शिमला के स्कूली छात्र भी दूर नहीं हैं। कई छात्र इस गेम की गिरफ्त में आ गए हैं। इस जानलेवा चैलेंज गेम से अपने लाडलों को बचाने के लिए अभिभावकों के साथ शिक्षकों को भी हर बच्चे की हरकत पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। 




ऐसा एक वाकया शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पेश भी आया है, जिसमें चौथी कक्षा के चार छात्रों की बाजू पर स्कूल की टीचर ने ब्लू व्हेल का कट से निशान बनाए पाया गया। इसका पता स्कूल प्रबंधन को चला तो उस स्कूल की प्रधानाचार्या ने सख्ती से इन छात्रों से पूछताछ की। 



तब उन्होंने सारी कहानी बयां कर दी। उन्होंने माना कि उन्होंने लिंक से ब्लू व्हेल को डाउनलोड किया है। यही नहीं उन्होंने इसका लिंक अपने कुछ सहपाठियों को भी भेज रखा था। जब इन सहपाठियों से पूछा गया तो उन्होंने भी इसे स्वीकार किया। 
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इस पर प्रिंसिपल ने इन सभी छात्रों के अभिभावकों को स्कूल बुलाकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत किया। हिदायत दी कि वे इन मासूम बच्चों की काउंसलिंग करवाएं, उन पर लगातार नजर रखें। इनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल को बराबर चेक करें। 

यदि मोबाइल पर ऐसी कोई गेम पाई जाती है, तो उसे हटाएं। हालांकि स्कूल ने इसके बाद अन्य छोटी कक्षाओं के छात्रों को भी चेक किया और देखा कि कहीं और इसकी गिरफ्त में तो नहीं आए हैं। यह एक स्कूल की नहीं है, शहर के कई स्कूलों की कहानी भी हो सकती है। 


क्लास टीचर और अभिभावकों को छात्रों की हरकतों पर नजर रखनी चाहिए। ब्लू व्हेल की गिरफ्त में आने से बच्चों को बचाने के लिए हर किसी को अलर्ट रहना होगा, तभी इस जानलेवा चैलेंज से बच्चे बचाना संभव होगा।  


स्कूलों के साथ की बैठकें
उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि उन्होंने  अब तक कई स्कूलों के साथ कई बैठकें कर ली हैं। ब्लू व्हेल चैलेंज के बारे में भी सचेत किया गया है। प्रशासन की आम जनता से अपील है कि अभिभावक अपने बच्चों को समय दें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। 

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