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Shimla Murder Case: मनीषा ने जान को बताया था खतरा, 112 और पुलिस से की थी शिकायत; सुरक्षा की मांग भी की थी
Sun, 14 Jun 2026 10:03 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:03 AM IST
सार
शिमला के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मनीषा पहले ही जान को खतरा होने की आशंका जता चुकी थीं और पुलिस से सुरक्षा मांग चुकी थीं। पुलिस संपत्ति विवाद, प्रबंधन संघर्ष और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल में हुए गोलीकांड के बाद जांच करते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
राजधानी शिमला के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल ने पहले ही अपनी हत्या की आशंका जता दी थी। इसको लेकर उन्होंने कई बार सोशल मीडिया पर आकर अपनी बात भी रखीं थी। पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने चार अप्रैल को पत्रकारवार्ता भी की थी। मनीषा ने 112 हेल्पलाइन नंबर और पुलिस से भी संपर्क करके सुरक्षा की मांग की थी। वह कुछ महीनों से स्कूल परिसर में ही रह रहीं थीं। पुलिस अब संपत्ति विवाद समेत आपसी रंजिश और अन्य पहलुओं को लेकर छानबीन कर रही है।
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घटना के बाद पुलिस ने स्कूल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया है। वहीं क्राइम सीन को भी पूरी तरह से सील कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर हत्या की धाराओं के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। अभी तक की जांच में पता चला है कि शनिवार शाम 6:00 से 6:30 बजे के बीच वह पास की दुकान से जरूरी सामान लेकर लौट रहीं थीं।
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इस दौरान गेट नंबर एक के पास उन पर हमलावरों ने गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया। आसपास के लोगों ने इस दौरान तीन गोलियां चलने की आवाज सुनीं। लोग जब तक घरों से बाहर निकलते हमलावर मौके से भागने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद कुछ लोगों ने घटनास्थल के कुछ दूरी से वीडियो भी बनाए। इनके शव के पास ही सामान का पैकेट भी पड़ा था। इसके अलावा उनके पुराने वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता की मौत को भी संदिग्ध बताया था।
फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटनास्थल से खून के सैंपल लेने के साथ ही अन्य साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। मनीषा मूल रूप से रोहतक की रहने वाली थी और रेवाड़ी में उनकी शादी हुई थी। संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल में प्रबंधन की आंतरिक लड़ाई का मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है। इसको देखते हुए स्कूल के प्रिंसिपल मनदीप राणा ने यहां पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्रशासक की नियुक्ति की मांग उठाई थी। उस समय उन्होंने बताया था कि स्कूल में आर्थिक गड़बड़ियों और ठियोग में निर्माणाधीन स्कूल के लिए लिए गए 8 करोड़ रुपये के ऋण के बारे में सवाल पूछने पर उन्हें और तीन अन्य अध्यापकों को अचानक नौकरी से निकाल दिया गया।
नाबालिग बेटी की सुरक्षा के हो इंतजाम
घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि मनीषा मित्तल ने उनसे बातचीत के दौरान अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने बताया कि उनका रिश्तेदार के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मनीषा कई बार सुरक्षा की मांग को लेकर एसपी कार्यालय भी गईं थी। उन्होंने कहा जिस तरह से मनीषा की दिन के उजाले में सरेआम हत्या की गई है, तो उनकी बेटी को भी जान का खतरा है। इसको देखते हुए पुलिस को उनकी बेटी को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। इसके साथ ही मनीषा के हत्यारों को जल्द पकड़कर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं एक पुराना वीडियो भी सामने आया है जिसमें मनीषा ने अपनी माता-पिता की मौत को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं हालांकि अमर उजाला इस इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
घटनास्थल पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि मनीषा मित्तल ने उनसे बातचीत के दौरान अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने बताया कि उनका रिश्तेदार के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मनीषा कई बार सुरक्षा की मांग को लेकर एसपी कार्यालय भी गईं थी। उन्होंने कहा जिस तरह से मनीषा की दिन के उजाले में सरेआम हत्या की गई है, तो उनकी बेटी को भी जान का खतरा है। इसको देखते हुए पुलिस को उनकी बेटी को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। इसके साथ ही मनीषा के हत्यारों को जल्द पकड़कर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं एक पुराना वीडियो भी सामने आया है जिसमें मनीषा ने अपनी माता-पिता की मौत को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं हालांकि अमर उजाला इस इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
शनान में गोलीकांड के बाद दहशत, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या के बाद शनान क्षेत्र के लोग खौफजदा हैं। राजधानी में दिन के उजाले में हुई इस तरह की सनसनीखेज वारदात से हर कोई स्तब्ध है। वहीं इस घटना से स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों के अभिभावकों में भी डर का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने हत्यारों की धर पकड़ के लिए पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी है।
सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या के बाद शनान क्षेत्र के लोग खौफजदा हैं। राजधानी में दिन के उजाले में हुई इस तरह की सनसनीखेज वारदात से हर कोई स्तब्ध है। वहीं इस घटना से स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों के अभिभावकों में भी डर का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने हत्यारों की धर पकड़ के लिए पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी है।
इसके अलावा घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में भी तलाशी अभियान चलाया गया है। खासकर शोघी में समेत जिले की सीमाओं पर सभी वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है। पूरे मामले को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। मनीषा हत्याकांड की वारदात को सुलझाने के लिए कई टीमों का गठन किया है। इसमें पुलिस की एक टीम स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को देर रात तक खंगालती रही। इसके अलावा आसपास के लोगों से भी वारदात के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं। रविवार को आईजीएमसी अस्पताल में मनीषा का पोस्टमार्टम करवाने जाने की संभावना है। इसको लेकर उनके परिजनों को सूचित किया है।
वर्ष 2024 में अभिभावकों ने किया था प्रदर्शन
सरस्वती पैराडाइज स्कूल को लेकर विवाद वर्ष 2020 से चल रहा है। इसमें कई पक्ष जिसमें एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जाते रहे। यही वजह है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को स्कूल के बंद होने की चिंता सता रही थी। इसको लेकर 20 सितंबर 2024 को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान छात्रों और अभिभावकों ने राजभवन तक मार्च निकाला था और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर स्कूल में प्रशासन नियुक्त करने की मांग उठाई थी। वहीं स्कूल प्रबंधन की ओर भी मनीषा के स्कूल परिसर में रहने पर आपत्ति जताई जा चुकी थी।
सरस्वती पैराडाइज स्कूल को लेकर विवाद वर्ष 2020 से चल रहा है। इसमें कई पक्ष जिसमें एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जाते रहे। यही वजह है कि यहां पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों को स्कूल के बंद होने की चिंता सता रही थी। इसको लेकर 20 सितंबर 2024 को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान छात्रों और अभिभावकों ने राजभवन तक मार्च निकाला था और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर स्कूल में प्रशासन नियुक्त करने की मांग उठाई थी। वहीं स्कूल प्रबंधन की ओर भी मनीषा के स्कूल परिसर में रहने पर आपत्ति जताई जा चुकी थी।