अमरनाथ यात्रा बंद होने के बाद जान जोखिम में डाल इस यात्रा पर निकल रहे श्रद्धालु
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पवित्र मणिमहेश यात्रा आरंभ होने से पूर्व ही यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद में खासी बढ़ोतरी देखी गई है। वर्तमान समय तक 1500 के करीब श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगाकर वापसी कर चुके हैं। वहीं, दूसरी और पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर की अमरनाथ यात्रा को समय से पहले ही बंद कर दिया जाना भी श्रद्धालुओं की बढ़ रही आमद का कारण माना जा रहा है। कुल मिला कर इस मर्तबा लाखों शिव भक्त पवित्र डल झील में डुबकी लगाने पहुंच सकते हैं।
गौर रहे कि इस बार पवित्र मणिमहेश यात्रा 23 अगस्त से 6 सितंबर के बीच में होनी है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पवित्र मणिमहेश यात्रा दस दिन पहले आरंभ हो रही है। ऐसे में राधाष्टमी और जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर आयोजित होने वाले छोटे स्नान और शाही स्नान में श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड तोड़ पहुंचने की संभावना भी पैदा हो रही है। वहीं, प्रशासन द्वारा मौसम के बदलते रुख को देखते हुए तथा जोखिम लेकर यात्रा करने वालों के लिए मनाही की गई है।
बावजूद इसके रोजाना सैंकड़ों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर आ रहे हैं जिससे दिन प्रति दिन श्रद्धालुओं के आगमन की संख्या में इजाफा हो रहा है। बता दें कि पवित्र मणिमहेश यात्रा के अधिकारिक तौर पर शुरू होने से पूर्व ही श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए स्थानीय युवाओं द्वारा हड़सर से लेकर डल झील तक जगह-जगह विभिन्न पडावों पर सौ से ऊपर अस्थायी ढाबे लगाए जा चुके हैं तथा कुछ लग रहे हैं।
इन ढाबों में खाने से लेकर ठहरने की व्यवस्था भी है। इसके अलावा इसी माह सरकारी कार्यालयों में अवकाश आदि होने की सूरत में श्रद्धालुओं के आगमन को बढ़ावा मिलना भी लाजमी है। बता दें कि मई माह से लेकर अब तक हजारों की तादाद में शिव भक्त कैलाश पर्वत के दर्शन कर व डल झील में डुबकी लगाकर पुण्य कमा चुके हैं।