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मंडी हादसा : सर्च ऑपरेशन में हिमाचल सरकार की फजीहत

Sun, 15 Jun 2014 05:04 PM IST
Updated Sun, 15 Jun 2014 05:04 PM IST
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Mandi Incident: search operations trounced Himachal government
ब्यास नदी के तेज बहाव में बहे हैदराबाद के इंजीनियरिंग छात्रों की तलाश में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को लेकर हिमाचल सरकार की फजीहत हो गई है।
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सर्च ऑपरेशन पर आंध्र प्रदेश के सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने ऐसे जवानों को अभियान में लगाया था जो कि नौसिखिए हैं।

उनका कहना है कि बचाव दल ब्यास नदी में शवों को ऐसे खोज रहे हैं जैसे ही प्रशिक्षण हासिल कर रहे हों। आंध्र प्रदेश के दोनों सांसदों ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे पूरे अभियान पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले सात दिनों के सर्च ऑपरेशन में मात्र 8 छात्रों के शवों को ही बरामद किया जा चुका है जबकि 17 का अभी भी कोई सुराग नहीं लगा है। आंध्रा के सांसद इसी बात से भड़के हुए थे।
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पहले ट्रेनिंग दें, फिर सर्च ऑपरेशन में लगाएं

Mandi Incident: search operations trounced Himachal government
आंध्र प्रदेश के दो सांसदों विनोद कुमार और जितेंद्र रेड्डी ने सातवें दिन के सर्च ऑपरेशन के फेल होने के बाद पूरी कार्रवाई पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सर्च अभियान में जुटे जवानों को ब्यास नदी में शवों को खोजने का कोई अनुभव नहीं है। सरकार को नसीहत देते हुए सांसदों ने कहा कि ऐसे जवानों को अभियान में लगाने से पहले प्रशिक्षित करने की जरूरत है ताकि हादसे के समय बचाव दल भलीभांति काम कर सकें।

उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश को विशेष दल गठन की जरूरत है, ताकि इस तरह के सर्च ऑपरेशन में बेहतर काम हो सके। हालांकि दोनों सांसदों ने इस मौके पर सहयोग के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद भी किया।

लारजी प्रबंधन को भी घेरा

Mandi Incident: search operations trounced Himachal government

सांसद विनोद कुमार ने लारजी बांध परियोजना प्रबंधन को घेरते हुए कहा कि घटना शाम 6.30 बजे हुई है। इसके बाद लारजी बांध से 8 बजे के बाद 400 क्यूमैक्स पानी और छोड़ा गया।

इसी वजह से पडोह डैम से भी प्रबंधन को एक मीटर तक गेट खोलने पड़े। ऐसे में हो आशंका है कि बच्चों के शव पंडोह डैम से आगे निकल गए होंगे। यही वजह है कि सर्च ऑपरेशन में जुटे जवानों को शव नहीं मिल रहे हैं।

मगर पूरे सर्च ऑपरेशन पर जो सवाल सांसदों ने उठाए हैं उससे कहीं न कहीं प्रदेश सरकार की फजीहत भी हुई है और यह सवाल भी उठता है क्या हम किसी भी आपदा में लोगों की मदद के लिए तैयार नहीं है।

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अब मल्टीवीम सोनार तकनीक से होगी छात्रों की तलाश

Mandi Incident: search operations trounced Himachal government

सात दिनों तक थलोट से पंडोह डैम तक सर्च ऑपरेशन में मिली निराशाजा के बाद अब लापता छात्रों की तलाश मल्टीवीम सोनार तकनीकी से की जाएगी। रविवार से इस तकनीक के जरिये लापता छात्रों की तलाश की शुरू होगी।

पंडोह डैम से लेकर थलौट की तरफ तीन किलोमीटर के क्षेत्र में ही अब सर्च अभियान का फोकस रहेगा। इसी क्षेत्र में शवों की तलाश को प्राथमिकता देने का निर्णय अब मंडी प्रशासन ने लिया है।

तेलंगाना उपमुख्यमंत्री और अनिल शर्मा के बीच बैठक

शनिवार दोपहर बाद तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री श्रीचिन्ना और पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सर्च अभियान में लगी सभी सर्च एजेंसियों के अधिकारियों ने भाग लिया।

पंडोह में बीबीएमबी के कार्यालय में हुई इस बैठक में सर्च अभियान को लेकर कई पहलुओं पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया अब डैम के आसपास शवों की तलाश की जाए। मल्टीवीम सोनार तकनीक तकनीक के जरिये पानी के अंदर शव होने पता चलता है।

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