अब अंडर वॉटर कैमरे से चलेगा सर्च ऑपरेशन
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उन्होंने बताया कि इससे पानी के भीतर पत्थरों और सिल्ट में फंसे शवों का पता लगाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने इस घटना पर दुख प्रकट किया। धर्मशाला में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने पानी में बहे छात्रों को ढूंढने के लिए व्यापक अभियान चलाया है।
ब्यास नदी में सर्च ऑपरेशन के लिए शस्त्र सेनाओं एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन फोर्स की सहायता ली जा रही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार और जिला पुलिस भी राहत कार्यों में पूरा सहयोग कर रही है।
चार दिन के ऑपरेशन में सात शव मिले
ब्यास नदी में पिछले चार दिन से चल रहे सर्च ऑपरेशन में अभी तक सिर्फ सात छात्रों के शव मिल पाए हैं जबकि 17 छात्रों सहित एक गाइड टूअर का कोई सुराग नहीं लगा है। आज सर्च ऑपरेशन का चौथा दिन है।
तलाशी अभियान में विफलता को देखते हुए ही अब प्रदेश सरकार ने अंडर वॉटर कैमरों का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। इससे पूर्व तेलंगाना सरकार केंद्र के समक्ष भी सर्च ऑपरेशन को लेकर नाराजगी व्यक्त कर चुकी है।
इसको देखते हुए ही तेलंगाना सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिला है। इस बातचीत में उन्होंने बचाव कार्यों को और प्रभावी ढंग से चलाने के लिए 500 अतिरिक्त जवान मुहैया करवाने का आग्रह किया था।
रोड़ सेफ्टी काउंसिल का होगा गठन
सरकार इसके लिए स्थानों का चयन करेगी और जल्द ही पूरे प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए भविष्य में आशातीत कदम भी उठाए जाएंगे।
जीएस बाली ने बताया कि सरकार प्रत्येक हताहत परिवार को एक लाख 50 हजार राहत राशि प्रदान कर रही है। प्रदेश की नई आने वाली परिवहन नीति में सड़क सुरक्षा को भी सम्मिलित किया जाएगा।